World News: ईरान से तेल खरीदना किन-किन देशों पर पड़ सकता है भारी, क्या भारत पर भी होगा असर? – INA NEWS

World News: ईरान से तेल खरीदना किन-किन देशों पर पड़ सकता है भारी, क्या भारत पर भी होगा असर? – INA NEWS

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक बाजार में हलचल मचा दी है. इस बार उनका निशाना है ईरान से तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद खरीदने वाले देश. ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर कोई देश या कंपनी ईरान से तेल खरीदेगी, तो उस पर अमेरिका के सेकेंडरी सैंक्शन्स यानी प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे.

साथ ही ऐसे देशों को अमेरिका के साथ किसी भी तरह का व्यापार करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. इस धमकी का असर सिर्फ ईरान या अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि चीन, भारत और बाकी दुनियाभर के देशों पर इसका असर पड़ सकता है. तो क्या भारत पर भी इसका असर होगा? और किसे सबसे ज़्यादा नुकसान हो सकता है? आइए जानते हैं.

क्या कहा ट्रंप ने?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक सख्त संदेश देते हुए लिखा कि ईरानी तेल या पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कोई भी खरीद तुरंत बंद होनी चाहिए. कोई भी देश या व्यक्ति जो ईरान से तेल खरीदेगा, वह अमेरिका के द्वितीयक प्रतिबंधों की चपेट में आएगा और उसे अमेरिका के साथ व्यापार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

ट्रंप का ये बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत रुकी हुई है. ओमान, जो इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, ने हाल ही में कहा कि बातचीत की तारीख आगे बढ़ा दी गई है. इसका सीधा असर ईरान पर आर्थिक दबाव के रूप में दिख रहा है.

सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ेगा?

ट्रंप की धमकी के बाद सबसे ज्यादा चिंता चीन को लेकर जताई जा रही है. चीन फिलहाल ईरान से तेल खरीदने वाला सबसे बड़ा देश है. वॉर्टेक्सा नामक एक एनर्जी मार्केट ट्रैकर कंपनी के मुताबिक, मार्च 2025 में चीन ने रोज़ाना करीब 18 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल खरीदा था. यह अब तक का रिकॉर्ड है.

हाल ही में अमेरिका ने चीन की एक रिफाइनरी ‘शानडोंग शेंगशिंग केमिकल लिमिटेड’ पर एक अरब डॉलर से ज़्यादा की ईरानी तेल खरीद के लिए प्रतिबंध लगा दिया था. यही नहीं, अमेरिका ने उन जहाजों और कंपनियों पर भी कार्रवाई की जो ईरानी तेल को चीन तक पहुंचा रहे थे. ट्रंप ने भले ही चीन का नाम सीधे तौर पर न लिया हो, लेकिन संकेत साफ हैं. उनका अगला निशाना चीन है.

क्या भारत पर असर होगा?

भारत पर इसका असर फिलहाल नहीं पड़ेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत 2019 तक ईरान से भारी मात्रा में तेल मंगवाता था और ईरान उसका तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता था. लेकिन 2020 से अमेरिका के प्रतिबंधों के चलते भारत ने ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया. अप्रैल 2025 तक भारत ने ईरान से कोई भी कच्चा तेल आयात नहीं किया है.

इस वक्त भारत की तेल जरूरतें इराक, सऊदी अरब, रूस और यूएई जैसे देशों से पूरी हो रही हैं. इसलिए जब तक अमेरिका की पाबंदियां नहीं हटतीं, तब तक भारत का ईरान से तेल खरीदने का सवाल ही नहीं उठता. हालांकि, अगर चीन पर प्रतिबंधों के चलते तेल की सप्लाई कम होती है और वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ती हैं, तो भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा. तेल महंगा होगा तो इसका सीधा असर घरेलू महंगाई और आम जनता की जेब पर पड़ेगा.

ईरान कैसे बेच रहा है तेल?

भले ही अमेरिका ने ईरान पर कई पाबंदियां लगा रखी हों, लेकिन ईरान ने अपने तेल बेचने के नए रास्ते निकाल लिए हैं. वो चीन के अलावा इराक, तुर्की, यूएई जैसे पड़ोसी देशों को भी तेल बेचता है. कुछ यूरोपीय देश भी शामिल हैं. अगस्त 2024 की एक रॉयटर्स रिपोर्ट के अनुसार, ईरान बांग्लादेश और ओमान जैसे देशों को भी गुपचुप तरीके से तेल निर्यात कर रहा है.

ईरानी तेल पर अमेरिकी शिकंजा क्यों?

ईरान दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कच्चा तेल उत्पादक देश है. उसके पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल भंडार और दूसरा सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है. OPEC में वह तीसरे नंबर का बड़ा उत्पादक है और रोज़ करीब 30 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता है, जिसमें से आधे से ज्यादा का निर्यात किया जाता है. यही कारण है कि अमेरिका नहीं चाहता कि ईरान परमाणु डील को अपनी शर्तों पर करे और इस बीच आर्थिक तौर पर मज़बूत भी होता जाए. इसी रणनीति के तहत ट्रंप ने फिर से दबाव बनाना शुरू कर दिया है.

ईरान से तेल खरीदना किन-किन देशों पर पड़ सकता है भारी, क्या भारत पर भी होगा असर?

[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1]

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button