World News: कौन हैं UAE की महिला अधिकारी हिंद अल-ओवैस, जिसका एपस्टीन फाइल्स में 469 बार आया नाम – INA NEWS

अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) की ओर से जारी किए गए नए दस्तावेजों ने एक बार फिर जेफ्री एपस्टीन मामले को सुर्खियों में ला दिया है. इस बार चर्चा के केंद्र में हैं संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की वरिष्ठ राजनयिक हिंद अल-ओवैस, जिनका नाम एपस्टीन से जुड़े 469 ईमेल में सामने आया है.
ये ईमेल 2011 और 2012 के बीच के बताए जा रहे हैं और हाल ही में सार्वजनिक किए गए तथाकथित एपस्टीन फाइल्स का हिस्सा हैं. हालांकि, अब तक अल-ओवैस पर किसी भी तरह का आपराधिक आरोप नहीं लगाया गया है. फिर भी, दस्तावेजों के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस और अटकलों का दौर शुरू हो गया है
कौन हैं हिंद अल-ओवैस?
हिंद अल-ओवैस UAE की जानी-मानी राजनयिक हैं और वर्तमान में देश की परमानेंट कमेटी फॉर ह्यूमन राइट्स (PCHR) की निदेशक हैं. वह संयुक्त राष्ट्र में भी वरिष्ठ भूमिकाएं निभा चुकी हैं और महिला सशक्तिकरण तथा मानवाधिकारों पर खुलकर बोलने के लिए जानी जाती हैं. उन्हें उन पहली अमीराती महिलाओं में गिना जाता है जिन्होंने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में वरिष्ठ सलाहकार के तौर पर काम किया. उनके भाषण अक्सर लैंगिक समानता, वैश्विक विकास और महिलाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहे हैं.
एपस्टीन फाइल्स में नाम कैसे आया?
2026 की शुरुआत में अमेरिका में एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत लाखों पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक किए गए। इन रिकॉर्ड्स में ईमेल, कैलेंडर एंट्री और अन्य पत्राचार शामिल हैं, जो दिवंगत वित्तीय कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े थे. इन्हीं दस्तावेजों में अल-ओवैस का नाम करीब 469 ईमेल में दिखाई देता है/ ईमेल्स में कथित तौर पर मुलाकातों के समय निर्धारण, सामाजिक कार्यक्रमों की योजना और व्यक्तिगत संवाद शामिल हैं. एक ईमेल में उन्होंने लिखा था कि एक लड़की को तैयार करना ही मुश्किल होता है, दो को संभालना तो चुनौती है. वहीं एक दूसरे संदेश में उन्होंने अपनी छोटी बहन से मिलवाने की उत्सुकता जताई थी.
क्या कोई आरोप या जांच?
महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिकी अधिकारियों ने अब तक अल-ओवैस के खिलाफ कोई आरोप तय नहीं किया है. न ही यह साबित हुआ है कि वह एपस्टीन की अवैध गतिविधियों में शामिल थीं या उनके राजनयिक करियर पर एपस्टीन का कोई प्रभाव था. अधिकारियों का कहना है कि जारी किए गए दस्तावेज कच्चे और अप्रमाणित हैं, और किसी का नाम आ जाना अपराध का प्रमाण नहीं होता. नागरिक अधिकार संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि बिना पूरी जांच के निष्कर्ष निकालना भ्रामक हो सकता है.
सोशल मीडिया पर बहस और चुप्पी
दस्तावेज सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे और अटकलें चल पड़ीं. कुछ पोस्ट्स में उनकी बहन की उम्र को लेकर भी दावे किए गए, लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है. अब तक न तो हिंद अल-ओवैस और न ही UAE सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है. वह अभी भी अपने पद पर बनी हुई हैं.
कौन हैं UAE की महिला अधिकारी हिंद अल-ओवैस, जिसका एपस्टीन फाइल्स में 469 बार आया नाम
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