World News: पुतिन की रडार पर क्यों आया जर्मनी और ब्रिटेन? परमाणु हमले तक की दे दी चेतावनी – INA NEWS

World News: पुतिन की रडार पर क्यों आया जर्मनी और ब्रिटेन? परमाणु हमले तक की दे दी चेतावनी – INA NEWS

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर हालात खतरनाक मोड़ पर पहुंचते नजर आ रहे हैं. इस बार निशाने पर हैं यूरोप की दो सबसे ताकतवर ताकतें जर्मनी और ब्रिटेन. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी और उनके पूर्व सलाहकार सर्गेई करागानोव ने साफ शब्दों में चेतावनी दे डाली है.

सर्गेई करागानोव ने कहा है कि अगर रूस को हार के करीब धकेला गया, तो यूरोप, खासकर जर्मनी और ब्रिटेन, परमाणु हमले की चपेट में आ सकते हैं. यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर किसी भी तरह का समझौता होता नहीं दिख रहा.

जर्मनी और ब्रिटेन क्यों बने रूस के निशाने पर?

करागानोव ने टकर कार्लसन को दिए इंटरव्यू में कहा कि रूस को सबसे बड़ा खतरा यूरोप के उन्हीं देशों से है जो युद्ध को लगातार हवा दे रहे हैं. रूस के नजरिए से देखें तो यूरोप में ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ही सबसे ज्यादा ताकतवर देश हैं, और इनमें ब्रिटेन और जर्मनी रूस के खिलाफ सबसे आक्रामक भूमिका निभा रहे हैं. हाल ही में रूस ने आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन और जर्मनी को अपनी अनफ्रेंडली नेशंस लिस्ट में शामिल किया है. मॉस्को का आरोप है कि दोनों देश न सिर्फ यूक्रेन को सैन्य मदद दे रहे हैं, बल्कि रूस के खिलाफ खुफिया गतिविधियों और रणनीतिक साजिशों में भी शामिल हैं.

जासूसी और तेल टैंकर बना विवाद की बड़ी वजह

रूस का कहना है कि ब्रिटेन और जर्मनी लगातार उसकी जासूसी करा रहे हैं. इसके अलावा ब्रिटेन पर अमेरिका के साथ मिलकर रूसी तेल टैंकरों को रोकने और जब्त करने का भी आरोप है. मॉस्को इसे सीधी आर्थिक जंग मानता है. रूसी नेतृत्व का मानना है कि इन कार्रवाइयों के पीछे ब्रिटेन एक किंगपिन की तरह काम कर रहा है और पूरे यूरोप को रूस के खिलाफ उकसा रहा है.

परमाणु चेतावनी क्यों दी गई?

करागानोव के मुताबिक, रूस की हार की कल्पना करना ही गलत है. उनका कहना है कि अगर रूस कभी अस्तित्व के संकट में पहुंचा, तो वह पारंपरिक युद्ध की सीमाओं में नहीं बंधेगा. उन्होंने साफ संकेत दिया कि ऐसी स्थिति में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकता है, और इसका सबसे बड़ा असर यूरोप पर पड़ेगा.

यूरोपीय नेतृत्व पर भी किया करारा हमला

रूसी रणनीतिकार ने यूरोप के नेताओं को वास्तविकता से कटे हुए बताया. उनका दावा है कि यूरोपीय नेतृत्व इस भ्रम में जी रहा है कि युद्ध कभी उनके घर तक नहीं पहुंचेगा. इसी सोच के चलते वे यूक्रेन युद्ध में लगातार हस्तक्षेप कर रहे हैं और रूस को उकसा रहे हैं. करागानोव ने यह भी माना कि रूस अब तक जरूरत से ज्यादा संयम बरतता रहा है लेकिन अगर यूरोप, खासकर ब्रिटेन और जर्मनी, यूक्रेन युद्ध को समर्थन देना बंद नहीं करते और हालात और बिगड़ते हैं, तो रूस को सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं.

पुतिन की रडार पर क्यों आया जर्मनी और ब्रिटेन? परमाणु हमले तक की दे दी चेतावनी

[ad_2]


देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

[ad_1]

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button