आदिवासी दिवस पर अरविंद केजरीवाल ने दी बधाई:75 साल से आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन पर डाला गया डाका- INA NEWS

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश भर के आदिवासी समाज को शुभकामनाएं देते हुए केंद्र और विपक्षी दलों की सरकारों पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि आजादी के 75 सालों में सबसे ज्यादा अन्याय और शोषण आदिवासी समाज के साथ ही हुआ है। संसाधनों पर डाका डाला, बड़ी कंपनियों को सौंपे जल-जंगल-जमीन अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 75 वर्षों में देश के बाकी वर्गों ने तो तरक्की की, लेकिन आदिवासी समाज को जानबूझकर पीछे रखा गया। उन्होंने कहा, जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी समाज का पैदाइशी अधिकार है, लेकिन नेताओं के भ्रष्टाचार और चोरी के कारण ये संसाधन आदिवासियों से छीनकर बड़ी-बड़ी निजी कंपनियों को सौंप दिए गए। पेसा (PESA) कानून को लेकर उठाया सवाल अरविंद केजरीवाल ने पेसा कानून के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कागजों में कानून तो बना दिया गया, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें बिना ग्राम सभा और आदिवासी समाज से सलाह-मशविरा किए उनके अधिकारों से जुड़े फैसले ले लेती हैं। चैतर वसावा का जिक्र और जेल जाने का मुद्दा आदिवासी अधिकारों की लड़ाई का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने आप विधायक चैतर वसावा का प्रमुखता से नाम लिया। उन्होंने कहा कि चैतर वसावा आदिवासी समाज के हक के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं और इसी लड़ाई के कारण उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा है। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता आदिवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे और उन्होंने जनता से चैतर वसावा की जल्द रिहाई की प्रार्थना करने की अपील भी की। केजरीवाल ने अपने संबोधन का अंत आदिवासी समाज के पारंपरिक अभिवादन जय जोहार के साथ किया।
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