खबर शहर , जर्जर सड़कों से परेशान लोग: सड़कें बनवानी हैं तो विधायकों को निधि की याद दिलाओ…इनसे प्रस्ताव भिजवाओ – INA

सरकार का पूरा जोर विकास पर है। शहर-शहर विकास के प्रोजेक्ट शुरू कराए जा रहे हैं। लेकिन हमारे विधायक अपने क्षेत्र की सड़कों को भी चलने काबिल नहीं बना पा रहे। पेयजल का संकट दूर नहीं करा पा रहे। यह स्थिति तो तब है जब विधायकों की निधि में ढाई ढाई करोड़ की रकम पड़ी है। शहर, अतरौली और बरौली के विधायक निधि को कहां खर्च करना है, क्या काम कराना है इसके प्रस्ताव तक नहीं दे रहे हैं। जबकि सिस्टम लगातार इन्हें निधि के बारे में याद दिला रहा है। पत्र भेजे जा रहे हैं। अगर यह विधायक सड़कों को दुरुस्त कराने के ही प्रस्ताव दे देते थे तो तमाम सड़कों को दुरुस्त कराया जा सकता था।

जनता के द्वारा चुने विधायकों को सभी विधानसभा क्षेत्रों का विकास करने के लिए हर साल पांच-पांच करोड़ रुपये विधायक निधि देती है। यह निधि दो किश्तों में प्राप्त होती है। 2024-25 की पहली किश्त ढाई करोड़ रुपये अगस्त माह में सभी के खातों में पहुंच चुकी है। निधि आने के बाद इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी और छर्रा विधायक ठाकुर रवेंद्र पाल सिंह ने ढाई-ढ़ाई करोड़ रुपये और कोल विधायक ने दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा। जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद, कार्य भी कराया जा चुका है। डीआरडीए की माने तो इनकी निधि खर्च भी हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर अतरौली, शहर और बरौली विधायक का प्रस्ताव नहीं आया है। जिसके कारण इनकी निधि खातों में पड़ी है।

  • स्वर्णजयंती नगर निवासी डा. रक्षपाल सिंह का कहना है कि इस समय शहर की अधिकांश सड़कें खराब पड़ी हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सड़कों के गड्ढ़े तक नहीं भरे जा रहे हैं।
  • इंजीनियर आगा युनूस का कहना है कि जनप्रतिनिधि शहर के विकास पर ध्यान दे ही नहीं रहे। कई को तो यह तक नहीं पता होता कि उनके निधि आ गई है। उन्हें प्रस्ताव भी देना है।
  • खेड़ा बुजुर्ग के पूर्व प्रधान चंद्रभान सिंह ने बताया कि साधु आश्रम मार्ग बेहद जर्जर है। आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस मार्ग का निर्माण न होने से लोग परेशान हैं।
  • अहक गांव निवासी लोकेश चौहान का कहना है कि अहक से मेमड़ी मार्ग की हालत बेहद खराब है। सड़क पर इतने गड्ढ़े हैं कि वाहन भी खराब हो जा रहे हैं। जनप्रतिनिधि इस तरफ ध्यान ही नहीं दे रहे।
  • जवां निवासी मुकेश कुमार का कहना है कि जवां से बरौली मार्ग काफी जर्जर हालत में है। इसकी मरम्मत तक नहीं कराई गई है। जवां निवासी रामप्रकाश सिंह का कहना है कि जवां से बरौली मार्ग वाया माधोगढ़ मार्ग पूरी तरह से उखड़ा पड़ा है।
  • गियासपुर तेहरा निवासी मुकेश गौतम का कहना है कि अतरौली से बहरावद मार्ग की हालत बेहद खराब है। इसमें गड्ढे तक नहीं भरे गए हैं।
  • स्वालेपुर निलासी फूल सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद क्षेत्र की जर्जर सड़कों का निर्माण नहीं कराया जा रहा है।
  • डीआरडीए के पीडी भालचंद्र त्रिपाठी ने बताया कि विधायक निधि का प्रस्ताव माननीयों द्वारा आ रहा है। कुछ माननीयों ने अपने कार्य करा चुके है। सभी विधायकों के निधि से कनवेंशन सेंटर पर 45 लाख रुपये का खर्च किया जाना है। जैसे-जैसे प्रस्ताव आता है, मंजूरी दी जाती है। चुनाव के कारण कार्य रूका हुआ है। 

विधायकों ने सड़कों पर खर्च की अधिकतर निधि


तीनों विधायकों ने अपनी-अपनी निधि का सबसे ज्यादा इस्तेमाल सड़कों पर किया। ग्रामीण इलाकों की सड़कों को सीसी और इंटरलाकिंग कराकर ग्रामीणों को बेहतर सुविधा प्रदान की है। इगलास विधायक ने इगलास में छह, लोधा में चार व गोंडा में दो सड़कों का निर्माण कराया है। छर्रा विधायक ने धनीपुर के छह, अकराबाद में छह और गंगीरी में सात और कोल विधायक ने धनीपुर में आठ, गोंडा व लोधा में दो-दो सड़कों का निर्माण कराया है।
जर्जर सड़क
गत वर्ष की खर्च हो चुकी है सभी विधायकों की निधि

2022-23 और 2023-24 में सरकार ने सभी को पांच-पांच करोड़ रुपये विधायक निधि उपलब्ध कराई है। जिसे विधायकों ने विकास कार्य पर खर्च कर दिया। इसमें सबसे ज्यादा कार्य सड़कों पर हुआ है। अतरौली विधायक ने यात्री शेड, बारात घर सहित सोलर आदि पर भी निधि को खर्च किया है। वहीं बरौली विधायक ने भी यात्री शेड, बारात घर आदि का निर्माण कराया है।

दो एमएलसी ने खर्च की निधि, एक का प्रस्ताव लटका
अलीगढ़ जिले में तीन एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, ऋषिपाल सिंह और तारिक मंसूर है। 2024-25 में इनके खाते में भी ढाई-ढाई करोड़ निधि आई। जिसमें एमएलसी ऋषी पाल सिंह व तारिक मंसूर ने सड़क निर्माण पर खर्च किया है। इसके अलावा ऋषिपाल सिंह ने लगभग 26 लाख रुपये व प्रो. तारिक मंसूर ने 17 लाख रुपये हाथरस में विकास कार्य के लिए दिया है। जबकि डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने सात लाख रुपये मैनपुरी को भेजा है। डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह का प्रस्ताव किन्हीं कारणों से लटका हुआ है।

पांच करोड़ रुपये गैर जिलों को भेजा माननीयों ने निधि
अपने जिले के विकास के साथ ही माननीय दूसरे जिलों के विकास का भी पूरा ख्याल रख रहे है। 2023-24 में एमएलसी ऋषिपाल सिंह ने बिजौली, शहर, लोधा, गोंडा, टप्पल व धनीपुर में सड़कों का निर्माण करवाया है। इसके साथ ही लगभग पौने दो करोड़ रुपये हाथरस के विकास को भेजा था। वहीं डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने हाई मास्ट लाइट लगवाई है। जिस पर लगभग 70 लाख रुपये खर्च आया। इसके अलावा लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये क्षेत्र के आने विभिन्न जिलों को भेजा है।

शहर में बदहाल सड़कें


  • सासनी गेट से खैर मार्ग
  • भुजपुरा से कोतवाली तक का मार्ग
  • मेलरोज बाईपास से जलालपुर मार्ग
  • अचलताल से महेंद्रनगर मार्ग
  • गोमत चौराहा से नादापुल मार्ग
जर्जर सड़क
अतरौली विधानसभा क्षेत्र के बदहाल मार्ग
  • अतरौली से बहरावद भूड़ नगरिया मार्ग
  • अतरौली से पनहेरा मार्ग
  • साथरा से रामघाट बंबा की पटयी बाया दीनापुर
  • अतरौली से गियासपुर तेहरा मार्ग
बरौली विधानसभा की जर्जर सड़कें
  • साधु आश्रम से खेड़ा बुजुर्ग मार्ग
  • मेंमड़ी से छलेसर मार्ग
  • मुजफ्फरा से गोधा रोड मार्ग
  • गोपालपुर से कासिमपुर मार्ग

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Credit By Amar Ujala

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