खबर शहर , यूपी: शहर में जला रावण, अस्पतालों में दम तोड़ती दिखीं सेवाएं, डॉक्टर नदारद; दर्द से तड़पते रहे मरीज – INA

आगरा में विजय दशमी के अवसर पर सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी नजर आईं। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में अधिकांश स्टाफ और डॉक्टर छुट्टी पर रहे, जिसके चलते अस्पताल पूरी तरह राम भरोसे चलते दिखे। वार्डों में भर्ती मरीजों की सुधि लेने वाला कोई नहीं था।

सामान्य दिनों में इन अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ रहती है। एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी करीब 4000, जिला अस्पताल की 2500 से 3000 और जिला महिला अस्पताल की ओपीडी 600 से 700 के आसपास रहती है। पर्व के दिन डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के अवकाश पर होने के कारण दूर-दराज से पहुंचे मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वैकल्पिक व्यवस्था न होने से मरीजों को घंटों डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा।

जिला अस्पताल में अपनी मां का इलाज करा रहीं गीता देवी ने बताया कि मां के पेट में अचानक तेज दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाने के लिए दोपहर तक कमरों के चक्कर काटती रहीं, लेकिन कक्ष में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। वहीं, जिला महिला (लेडी लॉयल) अस्पताल में रामनगर निवासी जीनम का प्रसव सोमवार रात को हुआ था। उन्होंने बताया कि पीएनसी वार्ड में बदलाव के बाद दोपहर 12:30 बजे तक कोई भी चिकित्सक को देखने नहीं आया। नवजात दूध नहीं पी रहा था और वो बच्चे की तकलीफ देखकर डॉक्टर की राह ताकती रहीं।

जिला महिला अस्पताल की अधीक्षक डाॅ पु्ष्पलता ने बताया कि वार्ड में डाॅक्टरों के जांच के बाद फोटो मंगाए जाते हैं वह वार्डों में मरीजों को जांच कर रहे हैं या नहीं, अगर फिर भी ऐसी समस्या होती है तो मरीज सीधे मुझसे संपर्क करें। 

जिला अस्पताल अधीक्षक डाॅ. सुनीता राठाैर ने बताया कि अवकाश के बाद भी अन्य डाॅक्टर की डयूटी लगाई जाती है, अगर ऐसा मामला हुआ है तो इसकी जांच की जाएगी।  


Credit By Amar Ujala

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