खबर शहर , Agra News: 10 महीने में लगाए 75 चक्कर, फिर भी ट्रांसफर नहीं हुई स्कूटी – INA

आगरा। खंदारी निवासी 72 वर्षीय अरविंद सिंह को संभागीय परिवहन कार्यालय की व्यवस्था ने प्रताड़ित कर दिया। थककर वह एआरटीओ प्रशासन विनय कुमार के सामने पहुंच गए। कहा कि साहब मैं जनवरी से चक्कर लग रहा हूं। अब तक 75 बार दफ्तर आ चुका हूूं लेकिन मेरी स्कूटी ट्रांसफर नहीं हो रही है। हर बार मुझे कहा जा रहा है आज हो जाएगी, दो दिन बाद काम होगा लेकिन काम नहीं हो रहा है।

बताया कि स्कूटी बेचने के बाद समझा था कि जिम्मेदारी खत्म हो गई। पता नहीं था कि स्कूटी ट्रांसफर कराने के लिए अगले 10 महीने तक सरकारी दफ्तर की चौखट पर भटकना पड़ेगा। कभी पोर्टल बंद होने का बहाना, कभी फाइल गुम होने की बात तो कभी बाबू के छुट्टी पर होने का हवाला। हर बार काम होने का आश्वासन मिला लेकिन नतीजा सिफर रहा।

अरविंद सिंह ने बताया कि 20 जनवरी को खंदारी के मरु रोड निवासी शहाबुद्दीन को 23 हजार रुपये में स्कूटी बेची थी। आरटीओ में पवन नाम के बाबू ने अपने सामने स्कूटी की चाबी दिलवाई और फोटो भी लिया। इसके बदले उन्होंने 1600 रुपये दिए। एक-दो दिन में ट्रांसफर का भरोसा दिया गया लेकिन महीनों तक उन्हें टरकाया जाता रहा।

बताया कि बाबू ने कहा कि दो चालान भर गए हैं। दो दिन रुक जाओ काम हो जाएगा। इस दौरान स्कूटी पर सात हजार रुपये के चालान हुए। इन्हें भरने के बाद भी काम नहीं हुआ और दोबारा सात हजार रुपये के चालान हो गए। परेशान पीड़ित ने एआरटीओ प्रशासन विनय कुमार से शिकायत की। व्यथा सुनकर एआरटीओ ने बाबुओं को बुलाकर जवाब तलब किया।

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वर्जन

स्कूटी पर चालान लंबित हैं। विक्रेता और खरीदार को स्कूटी सहित कार्यालय बुलाया है। जल्द ही समस्या का निस्तारण करा दिया जाएगा। – विनय कुमार, एआरटीओ प्रशासन


Credit By Amar Ujala

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