खबर शहर , UP: जिसे कोर्ट में बताया मुर्दा, वो 12 साल बाद स्कूटर चलाते हुए दिखा; अब अदालत ने भेजा जेल – INA

आगरा में वर्ष 1999 से लंबित मुकदमे में गिरफ्तारी से बचने के लिए ताराचंद शर्मा ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के सहारे खुद को मुर्दा साबित कर दिया। गत वर्ष स्कूटी चलाते देखे जाने पर उसके जिंदा होने का राज खुला। सोमवार को उसने विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानंद गुप्ता की अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर उसे जेल भेज दिया।


राजकुमार वर्मा बनाम विद्या देवी आदि के बीच कूटरचित दस्तावेज के आरोप में वर्ष 1999 से अदालत में मुकदमा लंबित है। सुनवाई के दौरान आरोपी विद्या देवी, चुन्नी लाल गोयल और रोशन लाल वर्मा की मौत हो गई। इस पर अदालत ने उनके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी थी। इसी मुकदमे में गांधी नगर निवासी आरोपी ताराचंद शर्मा के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे।

 


Credit By Amar Ujala

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