चुनाव आयोग ने SIR के तीसरे फेज की घोषणा की:6 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 37 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन होगा- INA NEWS

चुनाव आयोग ने गुरुवार को स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे फेज की घोषणा की है। इस चरण के तहत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 36.73 करोड़ मतदाताओं का वेरिफिकेशन होगा। 16 राज्यों में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड शामिल हैं। तीन केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली (NCT), चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन-दीव शामिल हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि तीसरे फेज की SIR प्रक्रिया में 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLO) तैनात होंगे। BLO की मदद के लिए राजनीतिक पार्टियों की तरफ नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी शामिल रहेंगे। दिल्ली में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी। चुनाव आयोग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बर्फबारी और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए SIR की तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।
Source link
यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |



