सुप्रीम कोर्ट में आज बंगाल SIR मामले पर सुनवाई:याचिका में वोटर लिस्ट से नाम हटाने को चुनौती; कोलकाता-हावड़ा से 1.70 लाख आवेदन पेंडिंग- INA NEWS

सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर अपीलों पर जल्द सुनवाई की मांग पर विचार करेगा। याचिकाकर्ताओं ने अपीलों का जल्द निपटारा करने की मांग की है, ताकि वे नवंबर में होने वाले नगर निकाय चुनावों में वोट डाल सकें। CJI जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। इससे पहले 9 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि नाम जोड़ने की मांग वाली अपीलों को प्राथमिकता देने पर विचार किया जा सकता है। पश्चिम बंगाल के 7 शहरी निकायों कोलकाता, हावड़ा, बाली, हल्दिया, धुपगुड़ी, कालिम्पोंग और कुर्सियांग में चुनाव 27 से 29 नवंबर के बीच कराए जा सकते हैं। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं हुई है। कोलकाता और हावड़ा के मतदाताओं का मामला याचिकाकर्ताओं के वकील गोपाल शंकरनारायणन और प्रशांत भूषण ने अदालत से अपीलों का तेजी से निपटारा कराने की अपील की। उनका कहना था कि अपीलों के लंबित रहने से मतदाता आगामी नगर निकाय चुनावों में मतदान के अधिकार से वंचित रह सकते हैं। अदालत को बताया गया कि कोलकाता और हावड़ा के नगर निकाय क्षेत्रों में करीब 1.70 लाख अपीलें लंबित हैं। याचिकाकर्ताओं ने यह भी अनुरोध किया कि जिन लोगों की अपीलों पर फैसला नहीं हुआ है, उन्हें चुनाव में वोट डालने की अनुमति देने पर विचार किया जाए। ट्रिब्यूनल और सॉफ्टवेयर की समस्याओं पर भी चर्चा 9 अक्टूबर की सुनवाई में अदालत ने SIR अपीलीय ट्रिब्यूनलों के सामने आ रही दिक्कतों और अपीलों की प्रक्रिया में इस्तेमाल हो रहे सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्याओं का जिक्र किया था। CJI कांत ने कहा, “हम इन समस्याओं को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर याचिकाएं उन लोगों की हैं जो दूसरों के नाम मतदाता सूची से हटवाना चाहते हैं। हम ट्रिब्यूनलों से कहेंगे कि वे नाम हटाने वाली याचिकाओं को अभी रोक दें और पहले उन पर फैसला लें, जिनमें नाम शामिल करने की मांग की गई है।” आज की सुनवाई के संभावित आदेश-निर्देश… बंगाल में वोटर लिस्ट से 58 लाख से ज्यादा नाम कटे पश्चिम बंगाल में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 58.20 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 7.66 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 7.08 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया। काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 58.20 लाख वोटर्स में से 24.17 लाख मृत पाए गए, 1.38 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, 32.65 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे। —————- यह खबर भी पढ़ें… एमपी-यूपी सहित 17 राज्यों-UT में वोटर लिस्ट अपडेट होगी: SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग का आदेश; 5 पॉइंट में SSR-SIR का फर्क चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट का स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) कराने का निर्देश दिया है। आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लेटर भेजा है। SSR के तहत वोटर लिस्ट में नए नाम जोड़े जाएंगे और पहले से दर्ज जानकारी में गलतियां सुधारी जाएंगी। 2027 में 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवा भी नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह आदेश स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विवाद और विरोध के बीच आया है। पढ़ें पूरी खबर…
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