अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में 5 भारतवंशी जीते:सभी डेमोक्रेटिक पार्टी के मेंबर; ट्रम्प ने विवेक रामास्वामी का प्रचार किया, फिर भी हार गए- INA NEWS

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में 5 भारतवंशी नेताओं ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में जीत हासिल की है। जबकि एक उम्मीदवार अमीष शाह आगे चल रहे हैं। ये सभी डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य हैं। जीतने वालों में रो खन्ना, अमी बेरा, प्रमिला जयपाल, सुहास सुब्रमण्यम और पिया दांडिया शामिल हैं। इससे पहले 2024 के चुनाव में 6 भारतवंशी इस सदन के लिए चुने गए थे। इस बार सीनेट के लिए किसी भारतीय मूल के उम्मीदवार ने चुनाव नहीं लड़ा था। वहीं, गवर्नर पद के लिए भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ने ओहायो से दावेदारी पेश की थी, लेकिन वे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से हार गए। डेमोक्रेटिक पार्टी से 5 भारतवंशी संसद सदस्य बने 1. एमी बेरा, डेमोक्रेट पार्टी- 8वीं बार जीते कैलिफोर्निया के तीसरे संसदीय क्षेत्र से एमी बेरा लगातार आठवीं बार सांसद चुने गए हैं। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब टकर को 23 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। बेरा पेशे से डॉक्टर हैं। वह 2013 में पहली बार हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्य बने थे। 2. रो खन्ना, डेमोक्रेटिक पार्टी- छठी बार जीते कैलिफोर्निया के 17वें संसदीय क्षेत्र से रो खन्ना ने लगातार छठी बार चुनाव जीता है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन को 42 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। टंडन इससे पहले 2020 और 2022 में भी रो खन्ना के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। 3. प्रमिला जयपाल, डेमोक्रेटिक पार्टी- 1.52 लाख से वोटों से जीतीं वॉशिंगटन के 7वें संसदीय क्षेत्र से डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमिला जयपाल ने लगातार छठी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव शेठ को 1.52 लाख से ज्यादा वोटों से हराया है। प्रमिला 2017 से इस सीट पर सांसद हैं। वह हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पहुंचने वाली पहली भारतीय मूल की महिला हैं। उनका जन्म चेन्नई में हुआ था। 4. सुहास सुब्रमण्यम, डेमोक्रेटिक पार्टी- दूसरी बार सांसद बने वर्जीनिया के 10वें संसदीय क्षेत्र से सुहास सुब्रमण्यम दूसरी बार सांसद चुने गए हैं। उन्हें 61.5% से ज्यादा वोट मिले हैं, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को 36.4% वोट मिले हैं। सुहास का जन्म टेक्सास के ह्यूस्टन में भारतीय माता-पिता के घर हुआ था। वह पेशे से वकील हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में उन्होंने व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी पॉलिसी एडवाइजर के तौर पर काम किया था। जीत के बाद सुहास ने कहा, “अपनी आवाज उठाइए। मैंने चुनाव लड़ा और जीता। आप भी ऐसा कर सकते हैं।” 5. पिया दांडिया, डेमोक्रेटिक पार्टी- पहली बार संसद पहुंचीं वहीं, फ्लोरिडा के 22वें संसदीय क्षेत्र से पिया दांडिया पहली बार हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुनी गई हैं। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया है। पिया को 51.9% और अस्कर को 48.1% वोट मिले हैं। 39 साल की पिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ है। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका गए थे। पिया पहले टीचर थीं। ट्रम्प और जेडी वेंस ने प्रचार किया, फिर भी हार गए रामास्वामी भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर का चुनाव हार गए हैं। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने उन्हें 2 लाख से ज्यादा वोटों से हराया है। रामास्वामी के समर्थन में ट्रम्प ने प्रचार किया था। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी उनके लिए वोट मांगने पहुंचे थे। इसके बावजूद रामास्वामी चुनाव नहीं जीत सके हैं। रामास्वामी ने 2024 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के लिए रिपब्लिकन पार्टी से अपनी उम्मीदवारी पेश की थी। बाद में उन्होंने नाम वापस ले लिया था और ट्रम्प का समर्थन किया था। राज्यों के चुनावों में भी भारतवंशियों का दबदबा कई भारतवंशी उम्मीदवार हारे: न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिता कोमतिरड्डी अटॉर्नी जनरल का चुनाव हार गई हैं। नॉर्थ कैरोलाइना में महेश गनोरकर, ओहायो में निर्दलीय संदीप दीक्षित और मिशिगन में निर्दलीय अनिल कुमार को भी हार का सामना करना पड़ा है।

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यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

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