मोदी की सभी दलों को चिट्ठी; महिला-आरक्षण पर समर्थन मांगा:खड़गे का आरोप- चुनावी फायदे के लिए बिल ला रही सरकार; 16 अप्रैल से विशेष सत्र- INA NEWS

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के फ्लोर लीडर्स को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर समर्थन मांगा। पीएम ने लिखा कि अब समय आ गया है कि इस कानून को पूरे देश में सही मायनों में लागू किया जाए। उन्होंने लिखा कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाने चाहिए। महिलाओं को राजनीति में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की इच्छा सभी पार्टियों ने लंबे समय से जताई है, अब इसे हकीकत में बदलने का समय है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्र के जवाब में पत्र लिखकर कहा कि राज्य चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाना यह दिखाता है कि सरकार इस कानून को राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी में लागू करना चाहती है। खड़गे बोले- सर्वदलीय बैठक हो खड़गे ने यह भी मांग की कि इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए और परिसीम से जुड़े मुद्दों पर भई विस्तार से चर्चा की जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी गई। इस प्रस्ताव के तहत लोकसभा की सीटें मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 की जाएंगी, जिनमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसलिए सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है । संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा, और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा। परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग बिल लाएगी सरकार राज्यों की विधानसभाओं में भी इसी अनुपात में सीटों का आरक्षण होगा। सरकार एक संशोधन बिल के एक संविधान साथ-साथ परिसीमन कानून में संशोधन के लिए अलग साधारण बिल भी लाएगी। ताकि नए सिरे से सीटों का निर्धारण हो सके। नई सीटों का निर्धारण 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जा सकता है। यह कानून राज्यों की विधानसभाओं और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू किया जाएगा। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… थरूर बोले- महिला आरक्षण कानून को राजनीतिक हथियार न बनाएं:बिल के साथ परिसीमन प्रक्रिया में जल्दबाजी करने से राज्यों का लोकतांत्रिक संतुलन बिगडे़गा कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि महिला आरक्षण कानून में होने वाले संशोधन को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। ताकि संघवाद कमजोर न हो और संसद की गरिमा को ठेस न पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें..

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