Technology, FIFA World Cup Scams: फेसबुक पर टिकट सर्च करते ही मिलेगा अलर्ट, फीफा वर्ल्ड कप में ठगों से ऐसे बचाएगा मेटा — INA

दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक फीफा विश्च कप 2026 का आयोजन इस बार संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), कनाडा और मेक्सिको में होगा। इसमें अक्सर फुटबॉल फैंस के बीच जबरदस्त दिवानगी देखी जाती है, लेकिन ऐसे बड़े-बड़े इवेंट्स में स्कैमर्स भी एक्टिव हो जाते हैं, वे टिकट फ्रॉड के जरिए हाथ आजमाने लगते हैं। इस बार ऐसा न हो सके, इसके लिए मेटा ने फैंस और खिलाड़ियों को साइबर ठगों से बचाने के लिए एक फुलप्रूफ सिक्योरिटी प्लान तैयार किया है। मेटा ने टूर्नामेंट से पहले, इसके दौरान और बाद में भी यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एआई-आधारित टूल्स और क्रॉस-इंडस्ट्री पार्टनरशिप का एक मजबूत जाल बुना है। जानिए मेटा का यह सिक्योरिटी प्लान कैसे काम करेगा।


फेसबुक पर टिकट ढूंढते ही एक्टिव हो जाएगा पॉप-अप अलर्ट

अक्सर स्कैमर्स सोशल मीडिया पर फर्जी टिकट बेचने के नाम पर लोगों को चूना लगाते हैं। अभी हाल ही में इकाना स्टेडियम लखनऊ में भी ऐसी घटनाएं सामने आई थी, जिसमें कई फैंस से हजारों रुपये लेकर उन्हें फर्जी टिकट दिया गया था, बाद में बारकोड स्कैन करने पर सच्चाई सामने आई। ऐसे ही घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए मेटा फेसबुक पर एक खास पॉप-अप नोटिफिकेशन रोलआउट कर रहा है।




कैसे काम करेगा यह अलर्ट


  • जैसे ही कोई यूजर फेसबुक सर्च बार में फीफा विश्व कप 2026 टिकट से संबंधित कोई भी शब्द (कीवर्ड) सर्च करेगा या टिकट से जुड़े किसी ग्रुप पर जाएगा, यह अलर्ट तुरंत स्क्रीन पर सक्रिय हो जाएगा। इसके अलावा यूजर्स को गाइडेंस भी मिलेगी। 

  • यह पॉप-अप अलर्ट यूजर्स को बताएगा कि टिकट खरीदने से पहले उन्हें किन-किन बातों का ध्यान रखना है। कैसे वेरिफाई करना है और इसके अलावा यह यूजर्स को संदिग्ध कंटेंट या फर्जी अकाउंट्स को तुरंत रिपोर्ट करने के लिए मेटा के रिपोर्टिंग टूल्स की तरफ भी निर्देशित करेगा। साथ सुरक्षित पेमेंट का तरीका भी बताएगा।

Facebook notification UI

मेटा का किन चीजों पर रहेगा ज्यादा फोकस?

मेटा ने स्पष्ट किया है कि स्कैमर्स अक्सर केवल एक जगह नहीं बल्कि कई अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हैं। इसलिए उनसे निपटने के लिए मेटा की विशेष समर्पित एनफोर्समेंट टीमें (Enforcement Teams) 24 घंटे निगरानी करेंगी। आपको बता दें फिलहाल ये टीमें मुख्य रूप से तीन तरह के स्कैम्स पर फोकस कर रही हैं:


  • टिकटिंग स्कैम चलाने वाले फर्जी अकाउंट्स पर।

  • नकली इमिग्रेशन और वीजा प्रोसेसिंग के ऑफर्स।

  • मैच देखने जाने वालों को निशाना बनाने वाली फर्जी लॉजिंग या आवास लिस्टिंग्स पर।

शुरू हो चुका है काम


  • वहीं, वीजा (Visa) और Meta ने मिलकर हाल ही में एक बड़े ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क का पर्दाफाश भी किया है, जो FIFA World Cup 2026 की ब्रांडिंग का गलत इस्तेमाल करके लोगों को निशाना बना रहा था। यह नेटवर्क फर्जी वेबसाइट्स के जरिए नकली बेटिंग और जुआ ऑफर्स दिखाता था, जहां यूजर्स को बड़े इनाम और आसान जीत का लालच दिया जाता था।

  • इन साइट्स पर लोगों से बैंकिंग डिटेल्स, कार्ड जानकारी और अन्य निजी डेटा मांगा जाता था, जिसे बाद में फ्रॉड के लिए इस्तेमाल किया जाता था। मेटा का कहना है कि, इस स्कैम नेटवर्क को ग्लोबल सिग्नल एक्सचेंज (GSE) और FIRE (Fraud Intelligence Reciprocal Exchange) जैसी इंटर-इंडस्ट्री फ्रॉड मॉनिटरिंग पहलों की मदद से ट्रैक किया गया और बंद कराया गया।

Hidden words UI

AI और एडवांस टूल्स से होगी स्कैमर्स की छुट्टी


  • मेटा ने हाल ही में स्कैमर्स को डिटेक्ट करने के लिए AI-आधारित डिटेक्शन सिस्टम, स्कैम पहचानने के लिए यूजर-फेसिंग टूल्स और वैश्विक कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पार्टनरशिप की है। कंपनी की एनफोर्समेंट स्ट्रैटजी के केंद्र में क्रॉस-इंडस्ट्री सिग्नल शेयरिंग है, जिसके जरिए कई कंपनियां आपस में फ्रॉड सिग्नल्स साझा करती हैं।

  • मेटा ने भरोसा दिलाया है कि जैसे-जैसे फीफा वर्ल्ड कप 2026 नजदीक आएगा और मैच शुरू होंगे, इन सुरक्षा प्रयासों को और ज्यादा एडवांस और सख्त कर दिया जाएगा ताकि खेल का रोमांच बिना किसी साइबर खतरे के सुरक्षित बना रहे।

Meta and Canadian Anti-Scam Coalition collaboration graphic

यूजर्स को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

सिर्फ मेटा के ही उपायों से पूरी तरह सुरक्षा नहीं मिल सकेगी, इसके लिए यूजर्स को भी सावधानी रखनी होगी। इसके लिए यूजर्स को कुछ सलाह दी गई है। जैसे-


  • केवल आधिकारिक वेबसाइट्स से टिकट खरीदें।

  • सोशल मीडिया लिंक पर तुरंत भरोसा न करें।

  • संदिग्ध ऑफर्स से बचें।

  • पेमेंट से पहले URL जरूर जांचें।

  • Facebook पर रिपोर्ट टूल्स का इस्तेमाल करें।

  • कंपनी का कहना है कि AI मदद जरूर करेगा, लेकिन डिजिटल सावधानी अब भी सबसे जरूरी सुरक्षा है।

Source link

Back to top button