खबर शहर , UP: मृत पशुओं से संक्रमण का खतरा, कारकस प्लांट की स्थापना पर खड़ा हुआ संकट; टीटीजेड की बंदिशों में फंसा – INA

मृत पशुओं के वैज्ञानिक निस्तारण का संयंत्र (कारकस प्लांट) ताज ट्रपेजियम जोन (टीटीजेड) की बंदिशों में फंस गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस प्लांट को रेड कैटेगरी (लाल श्रेणी) में रखा है, जिससे इसकी स्थापना पर संकट खड़ा हो गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले और नीरी की सहमति पर ही प्लांट का भविष्य तय होगा। दूसरी तरफ निराश्रित मृत पशुओं का खुले मैदान और नदियों में निस्तारण से संक्रमण फैलने का खतरा खड़ा हो रहा है।


जिले में 50 से अधिक गोशालाएं हैं। जहां करीब सात हजार गोवंश है। इसके अलावा जिले में एक लाख से अधिक कुत्ते और 1.50 लाख से अधिक निजी पशु हैं। जिनकी मृत्यु होने पर शवों के वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। प्लांट को लेकर कोर्ट की अवमानना से बचने के लिए टीटीजेड प्राधिकरण ने अर्जी दाखिल की है। योजना के मुताबिक, ग्राम छलेसर के खसरा संख्या 565 और 566 में नगर निगम को यह प्लांट लगाना है। सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्तूबर 2024 और 22 अप्रैल 2025 को पारित आदेशों के तहत संपूर्ण टीटीजेड क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगों के विस्तारण व स्थानांतरण पर रोक है।

 


Credit By Amar Ujala

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