आगरा टीटीजेड (ताज ट्रेपेजियम जोन) में बिना अनुमति पेड़ काटने के मामले में अब संबंधित अफसरों पर भी कार्रवाई होगी। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक के दौरान डीएफओ ने स्पष्ट कहा कि टीटीजेड में यदि बिना अनुमति कोई पेड़ काटा जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, हरीपर्वत रोड स्थित सीएम ग्रिड की सड़क पर खुदाई के दौरान 100 साल पुराने पीपल का पेड़ गिराने के मामले में सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी की अनुमति के बिना काम शुरू करने पर डीएम ने नगर निगम के सहायक अभियंता (एई) को फटकार लगाई।
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डीएम मनीष बंसल ने वन विभाग से जुड़े मामलों के समाधान के लिए डीएफओ को विशेष रूप से आमंत्रित किया था। डीएफओ राजेश कुमार ने सभी कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों से कहा कि प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करते समय वन विभाग से पहले ही जानकारी कर लें। पेड़ हटाने, संरक्षित वन क्षेत्र के बारे में जानकारी लेकर ही प्रक्रिया शुरू कराएं। एनओसी के लिए समय से आवेदन किया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। डीएम ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टीटीजेड में पेड़ों की सुरक्षा को लेकर निर्धारित प्रक्रिया और अनुमतियों का पालन अनिवार्य है।
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25 फरवरी के पत्र का नहीं मिला कोई रिकॉर्ड
नगर निगम ने 25 फरवरी को तीन पेड़ हटवाने के लिए वन विभाग को पत्र भेजने का दावा किया था। डीएफओ राजेश कुमार के मुताबिक ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। डाक रजिस्टर में भी जांच करा ली। जो पत्र दिखाया जा रहा है, उस पर नगर निगम के अधिकारी या कर्मचारी के हस्ताक्षर नहीं हैं। गुमराह करने का काम नगर निगम कर रहा है।
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