AI से बने कंटेंट को कब मिलेगा कॉपीराइट?
संसद में पेश हुए बिल के अनुसार, एआई की सहायता से तैयार किए गए कंटेंट को कॉपीराइट सुरक्षा मिल सकती है, लेकिन इसके लिए उसमें मानवीय योगदान यानी ह्यूमन इंवोलमेंट का होना जरूरी होगा। हालांकि बिल में अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितना मानवीय योगदान आवश्यक होगा। वहीं, पूरी तरह एआई की ओर से तैयार किए गए कंटेंट को कॉपीराइट सुरक्षा नहीं मिलेगी।
AI से किसी क्रिएटर का स्टाइल कॉपी करना होगा प्रतिबंधित
- प्रस्तावित कानून में यह भी कहा गया है कि एआई का इस्तेमाल करके किसी क्रिएटर की खास लेखनी शैली की नकल करना भी प्रतिबंधित है।
- इसके अलावा अगर किसी कंटेंट को तैयार करने में एआई का उपयोग किया गया है, तो इसका खुलाना करना अनिवार्य होगा।
प्रस्तावित बिल से टेक दिग्गजों को क्या समस्या है?
- ड्राफ्ट बिल के तहत अगर कोई टेक प्लेटफॉर्म किसी न्यूज कंटेंट को एग्रीगेट करता है, दोबारा प्रकाशित करता है, लिंक प्रिव्यू दिखाता है और AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए उसका इस्तेमाल करता है, तो उसे मुआवजा देना होगा।
- यह भुगतान राज्य-नियंत्रित सामूहिक प्रबंधन संगठनों को किया जाएगा, जो . इसे न्यूज पब्लिशर्स में बांटेगे। हालांकि यह नियम केवल समाचार सामग्री तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि वीडियो गेम, फोटोग्राफी, कंप्यूटर प्रोग्राम, पत्रकारिता और फिल्मों जैसे कई प्रकार के कंटेंट पर भी लागू होंगे।
AI ट्रेनिंग पर भी लागू होंगे नए नियम
इतना ही नहीं, बिल में एआई मॉडल्स की ट्रेनिंग के लिए कॉपीराइट सामग्री के इस्तेमाल को फेयर-यूज या लाइसेंसिंग एग्रीमेंट के दायरे में रखा गया है। यानी कोई भी बिना तय नियमों के कॉपीराइटेड कंटेंट का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
टेक कंपनियों ने जताई चिंता
- इन प्रस्तावित नियमों पर बौद्धिक संपदा (IP) और एंटरटेनमेंट कानून के विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रस्ताव टेक कंपनियों के लिए नई चुनौतियां पैदा कर सकता है, क्योंकि इसमें AI के व्यावसायिक और रिसर्च उपयोग के बीच स्पष्ट अंतर नहीं किया गया है।
- इस पर गूगल का बयान भी सामने आया है। कॉपीराइट सुधार की आलोचना करते हुए कंपनी का कहना है कि अत्यधिक सख्त नियम नवाचार की रफ्तार को धीमा कर सकते हैं और इंडोनेशिया में डिजिटल निवेश को प्रभावित कर सकते हैं। बिल का पालन न करने पर कंपनियों के स्थानीय बिजनेस परमिट रद्द किए जाने का भी प्रावधान प्रस्तावित है। फिलहाल मेटा और टिकटॉक ने इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इंडोनेशिया की नई रणनीति
- इंडोनेशिया AI तकनीक को तेजी से अपनाने की दिशा में काम कर रहा है। हाल ही में वह उन 29 देशों में शामिल हुआ है जिन्होंने शंघाई में प्रस्तावित अंतर-सरकारी AI संगठन के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
- इस पहल के दौरान चीन ने विकासशील देशों के साथ ओपन-सोर्स एआई तकनीक साझा करने और AI के लिए नई वैश्विक व्यवस्था बनाने की बात भी रखी।
दुनिया के अन्य देशों में क्या हैं नियम?
- यूरोपीय संघ (EU) के एआई एक्ट के तहत AI से तैयार या संशोधित कंटेंट, जैसे डीपफेक, पर स्पष्ट लेबलिंग अनिवार्य है।
- वहीं अमेरिका और सिंगापुर में अभी AI का कॉपीराइट कानून में स्पष्ट नहीं है, लेकिन कॉपीराइट सुरक्षा के लिए मानवीय योगदान को जरूरी माना जाता है।