यूपी – E-commerce: दुकान संग डिजिटल बाजार में भी जमा रहे धाक, प्रोडक्ट की देशभर में कर रहे आपूर्ति – INA

हाथरस जिले में कारोबार की तस्वीर बदल रही है। युवा पारंपरिक दुकानदारी के साथ ऑनलाइन कारोबार की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहे हैं। ई-कॉमर्स पोर्टल के बढ़ते चलन को समझते हुए युवा व्यापारी अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री भी कर रहे हैं। दुकानों पर फुटकर बिक्री के साथ-साथ अब वे मोबाइल और लैपटॉप पर भी ऑर्डर ले रहे हैं।
शहर में मेटल हैंडीक्राफ्ट, रेडीमेड गारमेंट्स, फुटवियर, हींग के क्षेत्र में युवा अच्छा काम कर रहे हैं। ज्यादातर युवा वह है, जिनके परिवारों में हैंडीक्राफ्ट या रेडीमेड गारमेंट्स का कारोबार पहले से हो रहा है। उन्हें सस्ते दामों पर उत्पाद उपलब्ध हो पा रहा है। जिसे दुकान और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचकर वे अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
अब शोरूम खोलने की जरूरत नहीं है क्योंकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सबसे बड़ा बाजार है। इससे न केवल व्यापार का दायरा बढ़ा है, बल्कि मुनाफा भी बढ़ा है। मोल-भाव की भी समस्या नहीं है। उत्पाद बेहतरीन है तो वापसी भी नहीं होती है।-आर्यन अग्रवाल, फुटवियर कारोबारी।
अब सिर्फ दुकान खोलकर ग्राहक का इंतजार करने का जमाना खत्म हो चुका है। अगर व्यापार को बढ़ाना है, तो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी जरूरी है। इससे खाली समय का भी सही इस्तेमाल होता है और कमाई बढ़ती है।-आशीष वर्मा, हैंडीक्राफ्ट कारोबारी।
कोरियर से भेज रहे सामान, ऑनलाइन ले रहे भुगतान
व्यापारी अपनी दुकानों पर ग्राहकों को सामान देने के साथ-साथ ऑनलाइन ऑर्डर भी ले रहे हैं। रेडीमेड कपड़े जैसे भक्ति प्रिंट टी-शर्ट, शॉर्ट्स, ट्रेंडी फुटवियर और स्थानीय स्तर पर बनने वाले हैंडीक्राफ्ट के उत्पादों को ऑनलाइन बुक किया जा रहा है। कोरियर कंपनियों की मदद से यह उत्पाद भेजे जा रहे हैं। जिससे स्थानीय उत्पाद सीधे दूसरे राज्यों के ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। इसका भुगतान ऑनलाइन लिया जाता है।
इन उत्पादों की सबसे ज्यादा मांग
- हींग : हींग, हींग वटी, हिंगोली, हींग पेड़ा।
- रेडीमेड गारमेंट्स: धार्मिक व ग्राफिक प्रिंटेड टी-शर्ट, हाफ पैंट।
- फुटवियर: कैजुअल जूते और चप्पलें।
- हैंडीक्राफ्ट: घर का सजावटी सामान।