UP News: FIR से मेरा बेटा क्या लौट आएगा…? लाचार पिता की सिसकियां, जिसके जिगर के टुकड़े की प्रशासन की लापरवाही से चली गई जान – INA

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसाइटी में 6 वर्षीय मासूम अव्यान की खुले बोरवेल के गड्ढे में गिरकर हुई मौत ने एक बार फिर ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोसाइटी में रहने वाले लोगों का आरोप है कि बोरवेल के लिए कई दिन पहले गड्ढा खोदा गया था लेकिन उसके चारों ओर ना तो बैरिकेडिंग की गई और ना ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया. इसी लापरवाही के कारण मासूम की जान चली गई.
जानकारी के अनुसार, कलाधाम सोसाइटी में जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बोरवेल का निर्माण कार्य चल रहा था. इसके लिए गहरा गड्ढा खोदा गया जिसमें बारिश का पानी भर गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे. शनिवार शाम खेलते समय 6 वर्षीय अव्यान पानी से भरे इस गड्ढे में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई.
स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
घटना के बाद सोसाइटी के लोगों में भारी आक्रोश है. उनका कहना है कि ग्रेटर नोएडा और नोएडा में कई स्थानों पर खुले गड्ढों और निर्माण स्थल लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं. आए दिन हादसे होते हैं, लेकिन प्राधिकरण हर बार दुर्घटना के बाद ही कार्रवाई करता है. लोगों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर कब तक लापरवाही की कीमत आम लोगों और मासूम बच्चों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी.
स्थानीय निवासी हरेंद्र भाटी ने बताया नोएडा ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण की लापरवाही लगातार सामने आती रहती है, लेकिन इसके बावजूद भी प्राधिकरण के अधिकारी सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को टाल देते हैं. हर बार हादसे होते हैं, जांच कमेटी बनती है, लेकिन रिपोर्ट सामने नहीं आती है. कई बार प्राधिकरण को लिखित में भी शिकायत दी जाती है लेकिन लापरवाह अफसर ठेकेदार इस पर कोई ध्यान नहीं देते.
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
मृतक अव्यान के पिता ने कहा कि उनके बेटी की मौत लापरवाही के कारण हुई है. उन्होंने मांग की है कि इस मामले में जो भी दोषी है उनके खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. उनका कहना है कि अगर समय रहते बैरिकेडिंग चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो उनका बेटा आज जिंदा होता. अब परिवार केवल न्याय की उम्मीद में है. अव्यान की मां इस हादसे के बाद गहरे सदमे में है. उनका रो-रो कर बुरा हाल है और वह सिर्फ बार-बार अपने बेटे को याद कर कर रो रही हैं. उनका कहना था कि हम ग्रेटर नोएडा शहर में इसलिए आए थे, ताकि हमें बेहतर सुरक्षा चौड़ी सड़कें अच्छी सोसाइटी मिले. लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि एक दिन लापरवाही के चलते उनके बेटे की मौत हो जाएगी.
ठेकेदार समेत तीन लोगों पर मुकदमा
हादसे के बाद ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने ठेकेदार की फार्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी है. इसके साथ ही प्राधिकरण के तकनीकी सुपरवाइजर और कर्मचारी फिल्म मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि संबंधित ठेकेदार कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है. पुलिस ने इस मामले में एक सुपरवाइजर को गिरफ्तार कर लिया है, बाकी अन्य कर्मचारियों की तलाश जारी है. थाना प्रभारी नॉलेज पार्क विनोद कुमार ने बताया कि प्राधिकरण की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पीड़ित परिवार की तरफ से अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. शिकायत मिलने पर इसमें और आगे की कार्रवाई की जाएगी.
क्या बोले सोसाइटी के लोग?
वहीं ग्रेटर नोएडा शहर के लोगों का कहना है कि यह हादसा पहली बार नहीं है, कि जब निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा में लापरवाही के कारण किसी की जान चली गई. इससे पहले भी खुले गड्ढे में गिरकर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी, जिसके बाद भी आज तक प्राधिकरण ने इसका कोई संज्ञान नहीं लिया. कल धाम सोसाइटी में हुई इस घटना के बाद अब सोसाइटी में रहने वाले अन्य परिवारों में भी दहशत का माहौल है. उनका कहना है कि सोसाइटी में पार्को की हालात बदहाल है. सोसाइटी में जो स्ट्रीट लाइट लगाई गई है वह रात में जलती नहीं हैं, जिसे हादसे और बढ़ जाते हैं. आरडब्ल्यूए भी इस पर कोई ध्यान नहीं देता है. उनका यह भी कहना है कि अब देखना होगा कि आखिर इस हादसे के बाद प्राधिकरण आरडब्ल्यूए किस तरह का संज्ञान लेते हैं.
FIR से मेरा बेटा क्या लौट आएगा…? लाचार पिता की सिसकियां, जिसके जिगर के टुकड़े की प्रशासन की लापरवाही से चली गई जान
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