Sport : 'अंदर गड़बड़ी पैदा हुई…' सालों बाद खुला राज, दिग्गज ने बताया सौरव गांगुली की कप्तानी जाने के बाद टीम में कैसे पड़ी फूट #INA

Sourav Ganguly : भारतीय क्रिकेट टीम ने सौरव गांगुली की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन किया. गांगुली ने कप्तानी तब संभाली थी, जब मोहम्मद अजहरुद्दीन पर मैच फिसिंग के आरोप लगे और उनको टीम से बाहर कर दिया गया. इसके बाद टीम पूरी तरह से बिखर गई थी और दादा को कप्तान बनाया गया. बंगाल के टाइगर के नाम से मशहूर दादा ने टीम इंडिया को संवारा और बनाया. उन्होंने बदलाव के दौर में कप्तानी संभाली और टीम में युवा और हुनर से भरे खिलाड़ियों को लगातार मौका दिया. 

इसी का नतीजा था कि, भारतीय क्रिकेट को युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ, जहीर खान, सुरेश रैना और महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ी मिले. सौरव की कप्तानी में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने कमाल का प्रदर्शन किया और टीम को ऊंचाईयों पर पहुंचाया. लेकिन एक दौर ऐसा भी आया जब सौरव गांगुली की एक गलती उन पर ही भारी पड़ गई. 

सौरव की एक गलती कैसे पड़ी उन पर भारी

दरअसल, सौरव गांगुली ने ग्रेग चैपल को भारतीय क्रिकेट बोर्ड से टीम इंडिया का कोच बनाने की पेशकस की थी. वो चैपल की कार्य शैली से काफी ज्यादा प्रभावित थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया जाकर उनके साथ काम किया और उनके वर्किंग स्टाइल को काफी नजदीकी से देखा, जिसके बाद उन्हें चैपल को भारतीय टीम का कोच बनवा डाला. इसके बाद असली दिक्कत शुरू हुई. चैपल गांगुली के ही दुश्मन हो गए. 

उन्होंने टीम इंडिया के दो टुकडे कर डाले और सौरव गांगुली को टीम से बाहर करवा दिया. उसके बाद राहुल द्रविड़ को कप्तानी मिली और टीम को काफी ज्यादा फेलियर मिले. उन दिनों इरफान पठान जो कि टीम के तेज गेंदबाज थे, बल्लेबाजी करने लगे. उन्होंने टीम इंडिया के लिए ओपनिंग और नंबर तीन तक खेला. चैपल को ही उनको ऑलराउंडर बनाने का श्रेय दिया जाता है.  

दिग्गज ने दिया सौरव गांगुली की कप्तानी जाने पर बयान

इस सब के बाद टीम इंडिया का माहौल पूरी तरह से बदल गया. इंडियन क्रिकेट टीम से सौरव गांगुली को निकाल दिया गया. उनके पसंदीदा खिलाड़ियों को भी दरकिनार किया जाने लगा. इस बदले हुए माहौल पर और टीम में पड़ी फूट और अनबन पर अब पूर्व क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने एक निजी पॉडकास्ट में इस बारे में बात करते हुए बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने क्या कहा है, आइए जानते हैं.

श्रीनाथ ने बताई टीम इंडिया की पूरी सच्चाई

जवागल श्रीनाथ ने कहा कि, ‘राहुल द्रविड़ एक पढ़े-लिखे आदमी हैं. टीम को लीड करने का उनका अपना स्टाइल था. लेकिन बड़ी प्रॉब्लम यह थी कि ग्रेग चैपल के आस-पास एक और पावर सेंटर बन गया था. सौरव गांगुली के अंडर आखिरी फैसला हमेशा सौरव का होता था. टीम की लॉयल्टी एक लीडर के साथ जुड़ी हुई थी. जब लीडरशिप बिना सही बदलाव के बदलती है, तो इससे टीम के अंदर गड़बड़ी पैदा होती है. उससे बहुत कड़वाहट थी’.

श्रीनाथ ने आगे कहा कि, ‘जहीर खान को नहीं पता था कि वह कहां हैं क्योंकि उन्हें गांगुली का आदमी माना जाता था. हरभजन सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ जब उन्होंने सबके सामने सौरव का सपोर्ट किया. खिलाड़ी ज़ाहिर तौर पर राहुल के अंडर खेलेंगे, लेकिन उन्हें पर्सनल लेवल पर अपना लीडर मानने में हमेशा समय लगने वाला था. किसी भी लीडरशिप चेंज का यह सबसे सेंसिटिव हिस्सा होता है और इंडियन क्रिकेट टीम के साथ ठीक यही हुआ’.

सौरव गांगुली की कप्तानी का रिकॉर्ड

सौरव गांगुली ने 49 टेस्ट मैचों में कप्तानी की, जिनमें से 21 जीते और 13 हारे, जबकि 15 मैच ड्रॉ रहे. गागुली ने भारत के लिए 146 एकदिवसीय मैचों में कप्तानी की, जिसमें 76 जीते और 65 हारे थे. उन्होंने 2003 के फाइनल में भारत को पहुंचाया था. 

ये भी पढ़ें : ‘धोनी ने मेरी जगह ले ली…’ वर्षों बाद छलका दिनेश कार्तिक का दर्द, बताया एमएस ने टीम इंडिया में कैसे किया उनको रिप्लेस?

'अंदर गड़बड़ी पैदा हुई…' सालों बाद खुला राज, दिग्गज ने बताया सौरव गांगुली की कप्तानी जाने के बाद टीम में कैसे पड़ी फूट





देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,

#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY

Copyright Disclaimer :->/b>Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on newsnationtv.com, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button