Sports- FIFA WC: विश्वकप के मुनाफे के निजीकरण पर यू-टर्न, विरोध के बाद फीफा अध्यक्ष इनफैनटिनो ने वापस लिया प्रस्ताव -#INA

विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा के अध्यक्ष जियानी इनफैनटिनो ने विश्व कप के मुनाफे को निजी इक्विटी कंपनियों के साथ साझा करने की अपनी विवादास्पद योजना वापस ले ली है। दुनिया भर की प्रमुख फुटबॉल संस्थाओं के तीखे विरोध के बाद इनफैनटिनो को अपने फैसले पर यू-टर्न लेना पड़ा।

इनफैनटिनो ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि विभिन्न पक्षों से बातचीत के बाद यह साफ हो गया कि यह प्रस्ताव फुटबॉल जगत में मतभेद बढ़ा रहा है। ऐसे में इसे . बढ़ाना उचित नहीं होगा।

क्या था पूरा प्रस्ताव?

फीफा अध्यक्ष ने विश्व कप के संचालन और उससे होने वाले राजस्व के लिए करीब 20 अरब डॉलर मूल्य की एक नई कंपनी बनाने का प्रस्ताव रखा था। इस योजना के तहत निजी निवेशकों को भी इसमें हिस्सेदारी देने की बात कही गई थी। हालांकि प्रस्ताव सामने आते ही दुनिया की कई फुटबॉल संस्थाओं ने इसे विश्व फुटबॉल के व्यावसायीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए विरोध शुरू कर दिया।

यूईएफए से लेकर एशिया तक हुआ विरोध

सबसे पहले यूरोपीय फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था यूईएफए ने इस योजना का विरोध किया। यूईएफए के 55 सदस्य देशों ने फीफा के प्रस्ताव के खिलाफ विश्व कप और फीफा की अन्य प्रतियोगिताओं के बहिष्कार तक की चेतावनी दी। इसके बाद उत्तरी अमेरिका की फुटबॉल संस्था कॉनकाकाफ और एशियाई फुटबॉल महासंघ (एएफसी) भी विरोध में उतर आए। इन संगठनों का मानना था कि विश्व कप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के मुनाफे में निजी निवेशकों की भागीदारी फुटबॉल के मूल स्वरूप और उसकी स्वायत्तता पर असर डाल सकती है।

वरिष्ठ सलाहकार ने भी दिया इस्तीफा

विरोध केवल फुटबॉल संगठनों तक सीमित नहीं रहा। इनफैनटिनो के वरिष्ठ सलाहकार और व्हाइट हाउस की एक समिति के पूर्व सदस्य कार्लोस कॉर्डेइरो ने भी इस योजना का विरोध करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे को भी फीफा पर बढ़ते दबाव की बड़ी वजह माना जा रहा है।

इनफैनटिनो बोले- ‘फुटबॉल को बांटना नहीं, जोड़ना चाहते हैं’

लगातार बढ़ते विरोध के बीच इनफैनटिनो ने अपने बयान में कहा, ‘सभी पक्षों के विचार जानने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इस योजना ने ऐसे विभाजन पैदा कर दिए हैं, जो इसके मूल उद्देश्य के हित में नहीं हैं।’ उन्होंने . कहा, ‘हमारा उद्देश्य हमेशा फुटबॉल जगत को एकजुट रखना और उसमें सुधार करना रहा है। भविष्य में भी हम इसी दिशा में काम करेंगे। इसलिए यह प्रस्ताव अब . नहीं बढ़ाया जाएगा।’ इनफैनटिनो के इस फैसले के साथ फिलहाल विश्व कप के मुनाफे में निजी इक्विटी कंपनियों की भागीदारी की योजना पर पूरी तरह विराम लग गया है।

Credit By Amar Ujala

Back to top button