Sport : 'मुझे आजादी नहीं दी गई…' विराट कोहली की ये बड़ी इच्छा क्यों रह गई अधूरी? दिग्गज के बयान से सामने आई सच्चाई #INA

Virat Kohli : विराट कोहली भारतीय क्रिकेट का बहुत बड़ा नाम है. सचिन तेंदुलकर के बाद विराट कोहली का नाम सबसे आगे आता है. विराट भारत के उन खिलाड़ियों की लिस्ट में शुमार हैं, जिन्होंने क्रिकेट के क्षेत्र में बड़ा नाम और सम्मान कमाया है. इस लिस्ट में कपिल देव, सुनील गावस्कर, सचिन तेदुंलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं. ये सभी खिलाड़ी जो चाहें वो अक्सर पूरा हो जाता है क्योंकि इन्होंने अपने खेल से दुनिया भर में राज किया है. ऐसे में इनकी हर इच्छा पूरी हो जाती है, लेकिन विराट कोहली की एक इच्छा अधूरी रह गई. वो पूरी नहीं हो पाई.

भारत के स्टार बल्लेबाज की ये अधूरी हसरत कौन सी है, जो पूरी नहीं हो पाई. इस पर भारत के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने बड़ा बयान दिया है. उनके एक बयान ने विराट कोहली की अधूरी इच्छा को सामने ला दिया है, जो पूरी नहीं हो पाई. विराट कोहली की इच्छा क्या थी और वीरेंद्र सहवाग ने कौन सा बड़ा बयान दिया है. आइए इस बारे में जानते हैं.

वीरेंद्र सहवाग ने विराट कोहली को लेकर बोली बड़ी बात

वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि, ‘मैं कभी टीम इंडिया का हेड कोच नहीं बनना चाहता था. विराट कोहली और उस समय के बीसीसीआई सेक्रेटरी अमिताभ चौधरी ने मुझसे संपर्क किया क्योंकि विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच चीजें ठीक नहीं चल रही थीं. वो चाहते थे कि मैं 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद हेड कोच का पद संभालूं. मैं एक शर्त पर सहमत हुआ. मैं अपना खुद का सपोर्ट स्टाफ लाना चाहता था, जिसमें मेरे असिस्टेंट कोच, बैटिंग कोच, बॉलिंग कोच, फील्डिंग कोच, फिजियो और ट्रेनर शामिल थे. चूंकि मुझे वो आजादी नहीं दी गई, इसलिए मैंने यह नौकरी न करने का फैसला किया’.

विराट कोहली की कप्तानी का दौर

आपको बता दें कि, विराट कोहली को साल 2014 में टीम इंडिया का टेस्ट कप्तान बनाया गया था. धोनी ने जब टेस्ट की कप्तानी छोड़ी थी, तब कोहली को ये जिम्मेदारी मिली थी. इसके बाद जब साल 2017 में धोनी ने वनडे और टी20 की कप्तानी छोड़ दी, तब विराट कोहली व्हाइट बॉल फॉर्मेट में टीम इंडिया के कप्तान बने. इसके बाद उन्होंने सौरव गांगुली, जो उस समय पर बीसीसीआई के अध्यक्ष थे, उनके साथ मनमुटाव को लेकर 2021 में वनडे और टी20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी थी. वहीं साल 2022 उन्होंने टेस्ट कप्तानी भी छोड़ दी. उनके बाद रोहित शर्मा को तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया था.

विराट कोहली की कप्तानी का रिकॉर्ड

विराट कोहली ने भारत के लिए कुल 68 टेस्ट मैचों में कप्तानी की थी. इस दौरान उनको 40 मैचों में जीत मिली थी, जबकि 17 मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. उनकी कप्तानी के दौरान भारत ने 11 मैच ड्रॉ भी खेले थे. उन्होंने टेस्ट में बतौर कप्तान 54.80 की औसत से 5,864 रन बनाए हैं, जिसमें 20 शतक शामिल हैं. वहीं विराट ने बतौर कप्तान 95 वनडे मैचों में से 65 मैच जीते थे. इसके अलावा 50 टी20 मैचों में उन्हें 30 में जीत मिली थी. विराट कोहली ने अपनी कप्तानी के दौरान बतौर अनिल कुंबले के साथ काम किया. इसके बाद उन्होंने रवि शास्त्री के साथ भी बतौर कप्तान काम किया.  

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