खबर शहर , UP: जहां हॉकी स्टिक से जादू बिखेरते थे मेजर ध्यानचंद, वहां अब बन रहा मेट्रो स्टेशन; बेटे ने रखी खास मांग – INA

भारतीय हॉकी के शताब्दी वर्ष में आगरा कॉलेज का ऐतिहासिक मैदान एक बार फिर चर्चा में है। यही वह मैदान है, जहां युवावस्था में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने खेल का जादू बिखेरा था। आज उसी स्थान पर आगरा मेट्रो का स्टेशन बन रहा है। समय के साथ मैदान का स्वरूप बदल गया है, लेकिन खेल प्रेमियों के लिए यह जगह आज भी भारतीय हॉकी के स्वर्णिम इतिहास की सजीव पहचान बनी हुई है।

मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक ध्यानचंद ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत में बताया कि उनके पिता का आगरा कॉलेज के मैदान से विशेष लगाव था। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे स्थित इस मैदान पर मेजर ध्यानचंद झांसी क्लब की ओर से 1950 के आसपास कई बार खेलने आए थे। अपने शानदार खेल के दम पर उन्होंने झांसी की टीम को यहां चैंपियन भी बनाया था। उन्होंने पिताजी आगरा कॉलेज के मैदान में जब भी खेलने आते थे तो बड़ी संख्या में दर्शक उनका खेल देखने पहुंच जाते थे।

कहा कि आज जब उस मैदान पर मेट्रो स्टेशन बन रहा है। तो इच्छा है कि स्टेशन परिसर में पिताजी की स्मृति में एक शिलालेख, प्रतिमा या छोटी-सी गैलरी बनाई जाए। इससे आने वाली पीढ़ी जान सकेगी कि इसी मैदान पर दुनिया के महानतम हॉकी खिलाड़ियों में से एक ने अपने खेल का जादू बिखेरा था। यह भी कहा, खेल की विरासत को सहेजना केवल अतीत को याद करना नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को प्रेरित करना भी है। यदि इस स्थान पर पिताजी से जुड़ी कोई स्मृति विकसित होती है तो यह आगरा ही नहीं, पूरे देश के हॉकी प्रेमियों के लिए गर्व की बात होगी।

वरिष्ठ खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का भी मानना है कि आगरा मेट्रो स्टेशन परिसर में मेजर ध्यानचंद की विरासत को दर्शाने वाली स्थायी स्मृति विकसित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि इससे आगरा की खेल विरासत को नई पहचान मिलेगी और शहर आने वाले लोग भी जान सकेंगे कि इसी मैदान पर कभी हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने अपने खेल से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया था।

 


Credit By Amar Ujala

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