खबर शहर , UP: गंगा स्नान की इच्छा जताई, चार बेटों ने कांवड़ बना दी पालकी, एक पलड़े में 51 किलो गंगाजल, दूसरे में पिता – INA

सावन के महीने में एक ओर लोग भोलेनाथ को रिझाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। वहीं आगरा के चार भाइयों ने पिता को कांवड़ में बैठा पितृभक्ति की अनूठी मिसाल पेश की है। गंगा स्नान की पिता की इच्छा को अनोखे ढंग से पूरे करते हुए ये भाई कांवड़ के एक पलड़े में 51 लीटर गंगाजल और दूसरे में पिता को बैठाकर यात्रा कर रहे हैं।
कस्बे से जब यह कांवड़ यात्रा गुजरी तो देखने वालों की भीड़ लग गई। कांवड़ के एक पलड़े में 51 किलोग्राम गंगाजल से भरे कलश सुसज्जित थे, तो दूसरे में उनके बुजुर्ग पिता गोदन सिंह आराम से बैठे हुए थे। कछला गंगा घाट से अपनी इस अनूठी कांवड़ यात्रा की शुरुआत करने वाले इन चारों भाइयों जयप्रकाश, कृष्णा, टिंकू और बंटी ने साबित कर दिया कि माता-पिता की सेवा से बढ़कर दुनिया में कोई दूसरा धर्म या तीर्थ नहीं है।
बातचीत के दौरान भाइयों ने बताया कि वे भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं और हर साल सावन में कछला से कांवड़ लाते हैं। इस बार जब उनके वृद्ध पिता गोदन सिंह ने गंगा स्नान की इच्छा जताई, तो बेटों ने उनकी इस ख्वाहिश को एक अनूठे तरीके से पूरा करने का निर्णय लिया। उन्होंने कछला घाट पर विशेष रूप से ऐसी कांवड़ तैयार करवाई जिसके एक पलड़े में गंगाजल और दूसरे पलड़े में उनके पिता बैठ सकें। इसके बाद चारों भाई बारी-बारी से कंधे पर कांवड़ का भार उठाकर . बढ़ रहे हैं।