यूपी – Agra: बचपन बचाने की मुहिम शुरू, 77 बाल श्रमिकों की गई पहचान; डीएम ने रेस्क्यू और पुनर्वास के दिए निर्देश – INA

आगरा जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जनपद को पूरी तरह से बाल विवाह और बाल श्रम मुक्त बनाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में कहा कि भिक्षावृत्ति, बालश्रम में लिप्त, अनाथ और शिक्षा से वंचित बच्चों का तत्काल रेस्क्यू कर उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बचपन बचाने की दिशा में हुई अब तक की कार्रवाई का ब्योरा रखा गया। बताया गया कि जिले में खतरनाक और गैर-खतरनाक कार्यों में लगे 77 बाल श्रमिकों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 8 मामलों में परिवाद दाखिल किया गया है और अन्य को नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा, भिक्षावृत्ति रोकथाम अभियान के तहत 8 बच्चों का रेस्क्यू किया गया है, जबकि बाल विवाह के 4 मामलों में कार्रवाई हुई है। डीएम ने इन सभी बच्चों के पुनर्वास के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने और उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से तत्काल आच्छादित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत व वार्ड स्तर पर गठित समितियां निराश्रित और संकटग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे सभी बच्चे शिक्षा, स्वास्थ्य और जन-कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ें। बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के माध्यम से बच्चों की नियमित काउंसिलिंग और फॉलोअप किया जाए।
थानों में नामित होंगे अधिकारी
बैठक में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने पर जोर देते हुए निर्देश दिए गए कि सभी थानों में नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। साथ ही बच्चों के रेस्क्यू और मदद के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर (1098) का पोस्टर व पंपलेट के जरिए आमजन में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, डीपीओ अतुल सोनी और जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्य सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।