खबर शहर , Agra News: विधायक के हस्तक्षेप पर मिली मोटर बोट संचालन की अनुमति – INA

पिनाहट। कस्बा स्थित चंबल घाट पर करीब दो माह से लंबित मोटर बोट संचालन की अनुमति मंगलवार को मिल गई। विधायक बाह रानी पक्षालिका सिंह भदावर के हस्तक्षेप और जिलाधिकारी आगरा मनीष बंसल के सहयोग के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक उत्तर प्रदेश लखनऊ अनुराधा वेमूरी ने मोटर बोट संचालन की अनुमति प्रदान कर दी है। अनुमति मिलने के बाद अब अधिकारियों की वार्ता के बाद जल्द ही पिनाहट और कैंजरा घाट पर स्टीमर सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग की शर्तों के अनुसार हर वर्ष 15 जून को चंबल घाट से पांटून पुल हटाए जाने के बाद नदी पार आवागमन के लिए मोटर बोट का संचालन शुरू कराया जाता है। इससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती ग्रामीणों को एक-दूसरे प्रदेश में आने-जाने की सुविधा मिलती है। इस वर्ष अनुमति लंबित होने के कारण सेवा नियमित रूप से शुरू नहीं हो सकी। दोनों प्रदेशों के अधिकारियों की सहमति से कुछ दिनों तक सेवा संचालित की गई, लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों से इसे बंद कर दिया गया।
दो दिन पहले मध्य प्रदेश के नगरा घाट से यात्रियों और बाइकों से भरी मोटर बोट अचानक बह गई थी। करीब 10 से 12 किलोमीटर तक नदी में बहने के बाद मोटर बोट किनारे लगी। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पिनाहट घाट पर भी मोटर बोट संचालन बंद कर दिया था।
सेवा बंद होने से सैकड़ों यात्रियों और कांवड़ यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को करीब 150 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर धौलपुर और मुरैना के रास्ते मध्य प्रदेश जाना पड़ा। वहीं दो दिन से चंबल घाट से वापस लौट रहे यात्री निराश दिखाई दिए।
विधायक ने जताया आभार
विधायक रानी पक्षालिका सिंह भदावर ने कहा कि पिनाहट घाट और केंजरा घाट पर स्टीमर सेवा की अनुमति लंबे समय से लंबित होने के कारण क्षेत्रवासियों को परेशानी हो रही थी। जिलाधिकारी आगरा मनीष बंसल के हस्तक्षेप और सहयोग से स्टीमर संचालन की अनुमति पुनः प्राप्त हो गई है। क्षेत्र की जनता की सुविधा और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए वह सदैव प्रतिबद्ध हैं।
अधिकारियों की वार्ता के बाद शुरू होगा संचालन
ठेकेदार चंद्रसेन तिवारी ने बताया कि मोटर बोट संचालन की अनुमति मिल गई है। अधिकारियों के साथ वार्ता के बाद ही मोटर बोट का संचालन शुरू किया जाएगा।