UP News: पंपसेट फेल, सड़कें जलमग्न और घर तक डूबे… प्रयागराज में स्मार्ट सिटी के दावे पानी-पानी! – INA

Prayagraj Flood Crisis: संगम नगरी प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश ने शहर की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. महज दो-तीन दिन की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. शहर की पॉश कॉलोनी जॉर्ज टाउन पूरी तरह पानी में डूबी नजर आ रही है. लोगों के घरों और गलियों में बारिश का पानी भर गया है. पानी निकालने के लिए नगर निगम की ओर से पंपसेट लगाए गए, लेकिन लोगों का कहना है कि पंपसेट भी हालात को संभाल नहीं पाए. जॉर्ज टाउन के अलावा करेली, अल्लापुर, निरंजन पार्क, स्टेशन रोड, खुल्दाबाद और तिलियरगंज जैसे इलाकों में भी जलभराव की समस्या सामने आई है. कई जगहों पर लोगों को घरों के ग्राउंड फ्लोर छोड़ने पड़े हैं. वहीं कुछ प्रभावित इलाकों में स्कूल भी बंद करने पड़े हैं.

पॉश कॉलोनी जॉर्ज टाउन में घरों तक पहुंचा पानी

प्रयागराज के जॉर्ज टाउन इलाके में बारिश के बाद हालात बेहद खराब हैं. यह शहर की पॉश कॉलोनियों में गिना जाता है, लेकिन इस समय यहां सड़क, गली और घरों के आसपास सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, सोमवार को कुछ जगहों पर कमर तक पानी भर गया था. कई घरों में पानी घुस गया और लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी.

ये भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश में मानसून का कहर! 13 जिलों में उफान पर नदियां, 173 गांव डूबे बाढ़ से 84 हजार लोग प्रभावित

स्थानीय निवासी संतोष वर्मा पिछले 46 साल से जॉर्ज टाउन में रह रही हैं. उनका कहना है कि तीन दिन से कॉलोनी जलमग्न है. बुधवार को बारिश नहीं हुई, इसके बावजूद पानी पूरी तरह नहीं निकल सका. उन्होंने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इसे स्मार्ट सिटी कहा जाता है तो ऐसी व्यवस्था का क्या फायदा? संतोष वर्मा के मुताबिक, जॉर्ज टाउन की सड़क करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई थी. इसके बावजूद बारिश के बाद यहां जलभराव की समस्या बनी हुई है. उनका सवाल है कि जब सड़क और नालियां दोनों मौजूद हैं तो पानी की निकासी क्यों नहीं हो पा रही है?

Prayagraj News

CMP डिग्री कॉलेज में भरा पानी, कॉलेज के गेट पर ताले

जॉर्ज टाउन के पास स्थित CMP डिग्री कॉलेज में भी बारिश का पानी भर गया है. कॉलेज परिसर में जमीन नजर नहीं आ रही और चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है. हालात को देखते हुए कॉलेज के गेट पर ताले लगाए गए हैं. कॉलेज के एक छात्र ने बताया कि वह पिछले तीन-चार साल से प्रयागराज में रह रहा है और हर साल बारिश के दौरान कॉलेज में इसी तरह पानी भर जाता है. छात्र के मुताबिक, जलभराव की वजह से कॉलेज लंबे समय तक प्रभावित रहता है और पढ़ाई पर भी असर पड़ता है. बारिश और जलजमाव के कारण प्रभावित इलाकों में स्कूलों को भी बंद करना पड़ा है. इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

ये भी पढ़ें- Prayagraj Flood: प्रयागराज में बारिश का कहर! 4 फीट पानी में डूबे घर, नाव से रेस्क्यू; रामबाग स्टेशन के ट्रैक भी जलमग्न

खुले ट्रांसफॉर्मर बॉक्स ने बढ़ाई चिंता

जॉर्ज टाउन में जलभराव के बीच एक ट्रांसफॉर्मर का फ्यूज बॉक्स भी खुला दिखाई दिया. पानी से घिरे इलाके में इस तरह बिजली के उपकरण खुले होने से स्थानीय लोगों में चिंता है. लोगों का कहना है कि जलभराव के बीच बिजली व्यवस्था में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी की जल्द निकासी के साथ बिजली के खुले उपकरणों को भी सुरक्षित किया जाए.

विकास के दावों पर उठ रहे सवाल

प्रयागराज में कुंभ के दौरान शहर को सजाने-संवारने और आधुनिक सुविधाएं देने के लिए बड़े स्तर पर काम किए गए थे. शहर को स्मार्ट बनाने और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे भी किए गए, लेकिन बारिश के बाद कई इलाकों में बने हालात इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

Prayagraj Hindi News

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के विकास के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन जलनिकासी की समस्या आज भी बनी हुई है. लोगों का आरोप है कि अगर नालियों और सड़कों का काम सही तरीके से हुआ होता तो दो-तीन दिन की बारिश में शहर के इतने बड़े हिस्से में पानी नहीं भरता.

हाई कोर्ट ने भी जलभराव पर जताई नाराजगी

प्रयागराज में बारिश के बाद हुए जलभराव का मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है. कोर्ट ने शहर में जलभराव की समस्या पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है. इससे साफ है कि शहर में जलनिकासी की समस्या अब केवल स्थानीय लोगों की शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

संगम तट पर बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर

शहर में जलभराव के बीच संगम तट पर भी लोगों की चिंता बढ़ने लगी है. गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किए जाने के बाद संगम क्षेत्र में दुकानदार अपने सामान और तंबू समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं. हालांकि फिलहाल गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और प्रमुख तटबंध सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.

Prayagraj Flood

हर घंटे बढ़ रहा जलस्तर

बाढ़ नियंत्रण कक्ष की बुधवार शाम 4 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे के बीच नैनी में यमुना का जलस्तर 21 सेंटीमीटर बढ़ा. छतनाग में गंगा का जलस्तर 16 सेंटीमीटर और फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 8 सेंटीमीटर बढ़ा. नैनी में बुधवार सुबह 8 बजे यमुना का जलस्तर 79.68 मीटर था, जो शाम 4 बजे बढ़कर 79.89 मीटर पहुंच गया. फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.31 मीटर से बढ़कर 80.39 मीटर हो गया. वहीं छतनाग में गंगा का जलस्तर 79.31 मीटर से बढ़कर 79.47 मीटर दर्ज किया गया. बक्शी बांध स्थित एसटीपी पर भी जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

अगले दो दिनों में और बढ़ सकता है पानी

फिलहाल प्रमुख गेज स्टेशनों पर जलस्तर खतरे के निशान 84.734 मीटर से नीचे है और तटबंध सुरक्षित हैं, लेकिन लगातार बारिश और ऊपर से आने वाले पानी के कारण आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. प्रशासन की ओर से संगम और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. वहीं शहर के जलमग्न इलाकों में पानी की निकासी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.

पंपसेट फेल, सड़कें जलमग्न और घर तक डूबे… प्रयागराज में स्मार्ट सिटी के दावे पानी-पानी!


#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY

Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button