खबर शहर , खुशखबरी: एसएन में पहली बार होगा किडनी ट्रांसप्लांट, आयुष्मान में निशुल्क इलाज; एसजीपीजीआई की टीम तैयार – INA

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी रोगियों के लिए आज उम्मीद का नया सवेरा होगा। लंबे समय से डायलिसिस की पीड़ा झेल रहे मरीजों को अब नई जिंदगी की राह मिलेगी। एसजीपीजीआई लखनऊ के विशेषज्ञों की टीम के सहयोग से एसएन मेडिकल काॅलेज में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत होगी। इसके लिए दो मरीजों को भर्ती कर ट्रांसप्लांट की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

एसजीपीजीआई लखनऊ की टीम शुक्रवार को एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंची। टीम ने ऑपरेशन थिएटर, आइसोलेट चैंबर का निरीक्षण किया। मरीजों की चिकित्सकीय फाइल देखने के बाद उनसे बात भी की। निजी अस्पतालों में सामान्य मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट का खर्च 10 लाख रुपये से अधिक आता है जबकि एसएन में 2 से 2.5 लाख रुपये का खर्च आएगा। असाध्य रोग योजना और आयुष्मान भारत योजना के तहत चयनित मरीजों को यह सुविधा निशुल्क मिलेगी।

एसजीपीजीआई के बाद एसएन दूसरा संस्थान

प्रदेश के सरकारी संस्थानों में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा अब तक केवल एसजीपीजीआई लखनऊ में उपलब्ध थी। अब एसएन मेडिकल कॉलेज यह जीवनरक्षक सुविधा देने वाला दूसरा सरकारी संस्थान बन गया है।

ये होंगे लाभ

– आगरा सहित मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा और पड़ोसी राज्यों (राजस्थान व एमपी) के सीमावर्ती मरीजों को अब लखनऊ के लंबे चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

– मरीज और तीमारदारों के आने-जाने, ठहरने और खाने-पीने में होने वाला खर्च और समय दोनों बचेंगे। इससे परिजन का आर्थिक बोझ कम होगा।

– लंबे समय से बार-बार डायलिसिस की पीड़ा झेल रहे मरीजों को अपने ही शहर में प्रत्यारोपण के जरिये स्थायी और सामान्य जीवन मिल सकेगा।

एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की सेवा शुरू होने जा रही है। इसके लिए दो मरीज भर्ती कर लिए गए हैं। एसजीपीजीआई की टीम आ गई है। वह केस स्टडी कर रही है। शनिवार को ट्रांसप्लांट किया जाएगा। वहीं किडनी रोग विभाग अध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि पहले दिन एक सर्जरी की जाएगी। इसके बाद अगले ऑपरेशन के लिए डेट दी जाएगी। इस सेवा के शुरू होने से आसपास के कई जिलों के मरीजों को लाभ मिलेगा। 

 


Credit By Amar Ujala

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