यूपी – विधि छात्र की मौत का विरोध: कैंडल मार्च निकालने के दौरान पुलिस से हुई नोकझोंक, वीसी से मांगा इस्तीफा – INA

विधि छात्र सचिन की मौत के विरोध में शनिवार रात सात बजे घंटाघर से डीएम कार्यालय तक कैंडल मार्च पुलिस कार्रवाई के चलते नहीं निकल सका। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच जमकर नोकझोंक भी हुई।
कैंडल मार्च की तैयारी के बीच पुलिस ने छात्र लोकेश तिवारी को हिरासत में ले लिया। छात्रों की ओर से सचिन की मौत के मामले में आरएमपीयू विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्रों ने सचिन की मौत के विरोध में शाम सात बजे घंटाघर से डीएम कार्यालय तक कैंडल मार्च निकालने की तैयारी की थी। हालांकि, मार्च शुरू होने से पहले ही पुलिस ने लोकेश तिवारी को हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें थाना गांधीपार्क ले आई।
सचिन की मौत का आरएमपीयू प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
डीएस कॉलेज के छात्र सचिन की मौत के मामले में विधि छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। छात्रों ने आरएमपीयू विश्वविद्यालय प्रशासन को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कुलपति के इस्तीफे की मांग उठाई है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने समय रहते छात्र के प्रोन्नत को लेकर निर्णय नहीं लिया, जिसका खामियाजा सचिन को भुगतना पड़ा।
छात्र लोकेश तिवारी ने कहा कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही छात्र को प्रोन्नत करने का निर्णय ले लिया होता तो सचिन की जान नहीं जाती। उन्होंने कहा कि छात्र हितों से जुड़े मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कुलपति के इस्तीफे की मांग की। इस संबंध में विवि के कुलसचिव प्रबुद्ध सिंह ने बताया कि आरोप निराधार है। छात्र की मौत को लेकर उनके पिता अपना वीडियो बयान जारी कर चुके हैं, जिसमें बेटे को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने का जिक्र किया है।