खबर शहर , बेखौफ: मानसून में खुदाई पर निगम की रोक, फिर भी सड़कें कर दीं छलनी; चार से छह फीट गहरे गड्ढों में भरा पानी – INA

मानसून में सड़कों पर दो फीट तक जलभराव की समस्या के बीच सड़कों की खुदाई बेखौफ होकर की जा रही है। कागजों में नगर निगम ने शहरी सीमा में 30 सितंबर तक मानसून के कारण हर तरह की सड़कों की खुदाई पर रोक लगा रखी है और पूर्व में जारी सभी अनुमतियों को निरस्त कर दिया था, लेकिन लंगड़े की चौकी क्षेत्र की सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। चार से छह फीट गहरे और पांच फीट चौड़े गड्ढों में पानी भर जाने पर लोगों के इसमें गिरने से हादसे की आशंका है।
आगरा नगर निगम के आदेश की खुदाई ठेकेदारों और निजी कंपनियों ने धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। जुलाई में बारिश शुरू होते ही नगर निगम ने सड़कों की खुदाई पर रोक लगाई, लेकिन कंपनियां बेखौफ होकर खुदाई कर रही हैं। पहले हलवाई की बगीची से दिल्ली गेट के बीच सड़क खोदकर छोड़ दी। पानी और सीवर की लाइनें इस वजह से टूट रहीं हैं।
क्षेत्रीय पार्षद किशन नायक ने बताया कि ग्रीन गैस कंपनी की ओर से गैस लाइन बिछाने के लिए लंगड़े की चौकी, नगला हरमुख, विजय नगर, वाटरवर्क्स रोड और हाईवे से सटी सर्विस लेन पर सड़कों की खुदाई की जा रही है। उन्होंने अनुमति मांगी तो कंपनी के कर्मचारी दिखा नहीं पाए। निगम ने सभी अनुमतियां निरस्त कर दी हैं। उन्होंने उपनगर आयुक्त सरिता सिंह को इसकी शिकायत की है और मांग की है कि खुदाई तत्काल रुकवाई जाए।
– इन जगहों पर खोदकर छोड़े गड्ढे
– गुरुद्वारा गुरु का ताल से सिकंदरा चौराहा तक
– गुरु तेग बहादुर कॉलोनी से आईएसबीटी तक
– लंगड़े की चौकी से सुल्तानगंज पुलिया तक
– वाटरवर्क्स चौराहे से हनुमान मंदिर मोड़ तक
जिम्मेदारों का ये है कहना
सहायक अभियंता नगर निगम हरिओम का कहना है कि क्षेत्र के पार्षद ने जिस जगह गड्ढे खुदाई की जानकारी दी है, वह हाईवे के सर्विस लेन के पास है। हो सकता है कि एनएचएआई से अनुमति ली गई हो। इसकी जांच करेंगे।
एनएचएआई के घटना प्रबंधक दीपक खटाना ने बताया कि अथॉरिटी ने इस शर्त पर अनुमति दी थी कि बैरिकेडिंग के साथ जब खुदाई पूरी होगी तो तत्काल गड्ढा भरा जाएगा ताकि जनहानि न हो। मैं टीम भेजकर जांच करा रहा हूं।