UP News: ‘वकील की ड्रेस में थे हमलावर…’ जिस गोगी गैंग पर अंकित बालियान की हत्या का दावा, 5 साल पहले कैसे खत्म हुआ सरगना? – INA

Ankit Balian murder case: उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के बाद दिल्ली-हरियाणा के कुख्यात गोगी गैंग का नाम सामने आया है. सोशल मीडिया पर भोलू शाहपुरिया के नाम से एक पोस्ट वायरल हुई है, जिसमें अंकित की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है. पोस्ट में अंकित के पुराने गाने और गैंग से जुड़ी कथित नाराजगी का जिक्र है. हालांकि, पुलिस ने अभी इस पोस्ट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है.

अंकित बालियान हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में जेल, गैंगवार और अपराध की थीम वाले गानों के लिए चर्चित थे. उनके एक चर्चित गाने में कोर्ट के भीतर गोली चलाने की बात कही गई थी. यह गाना फरवरी 2023 में रिलीज हुआ था और यूट्यूब पर इसे करोड़ों व्यूज मिले हैं. अंकित की हत्या के बाद सामने आई कथित पोस्ट में भी उनके पुराने गाने और गैंग के एक सदस्य से जुड़ी घटना का जिक्र किया गया है. इसी वजह से पुलिस के सामने यह सवाल है कि क्या किसी गाने को लेकर वास्तव में गैंग से नाराजगी पैदा हुई थी या हत्या के पीछे कोई दूसरी वजह है. फिलहाल इस एंगल की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

कौन था जितेंद्र मान उर्फ गोगी?

गोगी गैंग का सरगना जितेंद्र मान उर्फ गोगी था. वह दिल्ली के अलीपुर इलाके का रहने वाला था और दिल्ली-हरियाणा में आपराधिक गतिविधियों के चलते कुख्यात हुआ. पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों में उसका नाम हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में सामने आया था.

गोगी और उसके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया के बीच लंबे समय से गैंगवार चल रही थी. दोनों के बीच विवाद की शुरुआत कॉलेज के दिनों की दुश्मनी से हुई और बाद में यह हिंसक संघर्ष में बदल गया. पुलिस के अनुसार, इस गैंगवार में कई हत्याएं हुईं.

24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में क्या हुआ?

गोगी की कहानी का सबसे सनसनीखेज अध्याय 24 सितंबर 2021 को सामने आया. उस दिन उसे पेशी के लिए दिल्ली की रोहिणी कोर्ट लाया गया था. वह कोर्ट रूम में पहुंचा ही था कि दो हमलावर वकीलों के भेष में वहां दाखिल हुए और उस पर गोलियां चला दीं.

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए. गोगी को गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. जांच में सामने आया कि हमलावरों को टिल्लू ताजपुरिया के गिरोह से जोड़ा गया था.

वकीलों की ड्रेस में आए थे हमलावर

रोहिणी कोर्ट में दोनों हमलावर काले कोट और वकीलों जैसी पोशाक में कोर्ट में दाखिल हुए थे. बाद की जांच में पुलिस ने आरोप लगाया कि गोगी की हत्या की साजिश जेल के अंदर से रची गई थी और हमलावरों को कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाने के लिए रेकी भी कराई गई थी. यानी जिस गोगी गैंग का नाम आज अंकित बालियान हत्याकांड में वायरल पोस्ट के जरिए सामने आ रहा है, उसके मुखिया की खुद एक सुनियोजित कोर्ट शूटआउट में हत्या हुई थी.

गोगी की मौत के बाद कौन संभालता रहा गैंग?

गोगी की मौत के बाद उसका आपराधिक नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. उसके कई सहयोगी पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार हुए या मारे गए. दीपक पहल उर्फ दीपक बॉक्सर जैसे नाम गोगी गैंग के प्रमुख चेहरों के तौर पर सामने आए. पुलिस के मुताबिक, गोगी की गिरफ्तारी के दौरान बॉक्सर ने गैंग के कई अवैध कारोबारों को संभाला था. गोगी के नेटवर्क के तार बाद में लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और काला जठेड़ी जैसे गैंगस्टरों से भी जोड़े गए.

टिल्लू की भी जेल में हुई हत्या

गोगी की मौत के बाद भी दोनों गुटों की दुश्मनी खत्म नहीं हुई. सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया की मई 2023 में तिहाड़ जेल में हत्या कर दी गई. इस वारदात को लंबे समय से चले आ रहे गोगी-टिल्लू गैंगवार के बदले के एंगल से भी देखा गया. यानी गोगी और टिल्लू की दुश्मनी का असर दोनों की मौत के बाद भी लंबे समय तक दिखाई देता रहा.

अब अंकित हत्याकांड में क्या है सबसे बड़ा सवाल?

अंकित बालियान की बुधवार बेरहमी से हत्या के बाद पुलिस कई एंगल पर जांच कर रही है. सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया अकाउंट और अंकित के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है. उनके पुराने गानों और कथित धमकियों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा सकती है.

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अंकित की हत्या किसी गाने को लेकर गैंग की कथित नाराजगी का नतीजा थी, या इसके पीछे रंगदारी, पुरानी रंजिश अथवा कोई दूसरा आपराधिक विवाद था? फिलहाल भोलू शाहपुरिया के नाम से वायरल पोस्ट की पुष्टि नहीं हुई है.

‘वकील की ड्रेस में थे हमलावर…’ जिस गोगी गैंग पर अंकित बालियान की हत्या का दावा, 5 साल पहले कैसे खत्म हुआ सरगना?


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