Technology, सेफ्टी टिप्स: क्या आपके फोन का कैमरा हैक हो चुका है? इन पांच संकेतों से तुरंत करें पहचान, जानें बचाव के तरीके – 5 Signs Hackers May Be Spying You Through Your Phone Camera — INA

सार

क्या आप जानते हैं कि स्मार्टफोन का कैमरा सिर्फ फोटोग्राफी, वीडियो कॉल और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन तक ही सीमित नहीं है? आजकल हैकर्स स्पाइवेयर और मैलवेयर के जरिए कैमरे का एक्सेस हासिल कर आपकी प्राइवेसी में सेंध लगा सकते हैं और आपकी जासूसी कर सकते हैं। अगर आपके फोन में भी ये संकेत दिखाई दे रहे हैं, तो तुरंत सावधान हो जाइए।

स्मार्टफोन में कैमरा सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले फीचर्स में से एक है। फोटोग्राफी के अलावा ये वीडियो कॉल, ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसे कामों में लगातार इस्तेमाल होता है। ऐसे में कई लोगों को यह चिंता सताती है कि कहीं हैकर्स उनके कैमरे के जरिए उन पर नजर तो नहीं रख रहे? अगर फोन में कोई खतरनाक सॉफ्टवेयर या मैलवेयर आ जाए, तो हैकर्स बिना आपकी इजाजत के कैमरे का एक्सेस पा सकते हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर लोगों को समय रहते इसका पता ही नहीं चलता।

हैकर्स कैसे लेते हैं आपके फोन के कैमरे का एक्सेस?

  • स्पाइवेयर और मैलवेयर: हैकर्स आपके फोन के कैमरे का एक्सेस तब ही ले पाते हैं जब डिवाइस में मैलवेयर या स्पाइवेयर इंस्टॉल हो।
  • खतरनाक एप्स:कई बार थर्ड-पार्टी या खतरनाक एप्सअनजाने में कैमरे की परमिशन मांग लेते हैं और इंस्टॉल होने के बाद उनका गलत इस्तेमाल करते हैं।
  • रिमोट एक्सेस ट्रोजन: ये बेहद खतरनाक वायरस होते हैं। इनकी मदद से हैकर दूर बैठे-बैठे भी आपके फोन को पूरी तरह कंट्रोल कर सकता है। यानी वह आपकी बिना परमिशन चुपके से कैमरा चालू कर सकता है और आपकी एक्टिविटीज पर नजर रख सकता है।
  • फिशिंग लिंक्स: इसकी शुरुआत अक्सर किसी संदिग्ध एप को इंस्टॉल करने या किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से होती है।

ये संकेत मिलते हैं, तो तुरंत हो जाएं सावधान

  • बिना वजह ग्रीन डॉट (प्राइवेसी इंडिकेटर) का दिखना: आजकल के ज्यादातर स्मार्टफोन्स में प्राइवेसी इंडिकेटर होता है। जब भी कैमरा या माइक्रोफोन चालू होता है, तो स्क्रीन पर ऊपर एक हरा डॉट दिखाई देता है। अगर आप कोई कैमरा-इनेबल्ड एप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, फिर भी यह डॉट दिख रहा है, तो कोई दूसरा ऐप कैमरे का एक्सेस ले रहा है।
  • कैमरा ऑलरडी इन यूज का मैसेज आना:जब आप मैन्युअली कैमरा ऐप खोलने की कोशिश करते हैं और स्क्रीन पर एरर मैसेज आता है कि कैमरा पहले से इस्तेमाल में है, तो इसका सीधा मतलब है कि कोई दूसरा एप बैकग्राउंड में कैमरे का उपयोग कर रहा है।
  • गैलरी में अनजान फोटो या वीडियो दिखना: स्पाइवेयर चुपके से फोटो या वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। यूजर्स को अक्सर अपनी फोन गैलरी या क्लाउड बैकअप में ऐसी अनजान इमेजेस या रिकॉर्डिंग्स मिलती हैं जो उन्होंने खुद नहीं ली होती हैं।
  • बिना इस्तेमाल के फोन का गर्म होना: बैकग्राउंड में लगातार नजर रखने वाले मैलिशियस ऐप्स सिस्टम के बहुत सारे रिसोर्स (CPU और प्रोसेसर) इस्तेमाल करते हैं, जिससे फोन बिना इस्तेमाल किए भी गर्म होने लगता है।
  • अचानक तेजी से बैटरी खत्म होना:अगर बिना किसी भारी टास्क या फोन इस्तेमाल के भी आपकी बैटरी सामान्य से बहुत ज्यादा तेजी से ड्रेन हो रही है, तो यह बैकग्राउंड में चल रहे स्पाइवेयर की वजह से हो सकता है।

कैमरा हैकिंग से बचने के लिए क्या करें?

  • अज्ञात एप्स को डिलीट करें:उन सभी एप्स को फोन से हटा दें, जिन्हें आपने हाल ही में डाउनलोड किया है या जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते।
  • ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट रखें:फोन के सॉफ्टवेयर और एप्स को हमेशा लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट रखें, ताकि प्राइवेसी और सिक्योरिटी पैच मजबूत रहें।
  • अज्ञात लिंक्स पर क्लिक न करें: किसी भी अनजान मैसेज, ईमेल या सोशल मीडिया लिंक पर क्लिक करके एपीके फाइलें डाउनलोड करने से बचें।

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