Sport : क्रिकेट के खेल में जर्सी रिटायर करने का क्या है कोई नियम? डीटेल में जानिए हर छोटी-बड़ी जानकारी #INA

Jersey Retirement In Cricket: ये बात सभी जानते हैं कि क्रिकेट में किसी खिलाड़ी की जर्सी का नंबर रिटायर करना आम बात नहीं है. जबकि फुटबॉल और बास्केटबॉल जैसे खेलों में कई क्लब महान खिलाड़ियों के सम्मान में उनके नंबर हमेशा के लिए हटा देते हैं, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में जर्सी नंबर रिटायर करने का कोई तय ICC नियम नहीं है. यही वजह है कि किसी नंबर को इस्तेमाल से हटाने का फैसला संबंधित क्रिकेट बोर्ड, टीम या फ्रेंचाइजी अपने स्तर पर ले सकती है.
भारत में सचिन तेंदुलकर के नंबर-10 और एमएस धोनी के नंबर-7 के मामले में ऐसा देखने को मिला है. अब कैरेबियन प्रीमियर लीग की चैंपियन फ्रेंचाइजी ट्रिनबैगो नाइट राइडर्स (TKR) ने घोषणा की है कि वे ड्वेन ब्रावो की नंबर 47 जर्सी को रिटायर करेंगे. यह सम्मान उन्हें टीम, कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) और त्रिनिदाद और टोबैगो में क्रिकेट के लिए उनके शानदार योगदान के लिए दिया जा रहा है. तो आइए इस आर्टिकल में आपको जर्सी रिटायर करने के बारे में जानते हैं…
क्या ICC जर्सी नंबर रिटायर करने की अनुमति देता है?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ICC ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है कि किसी महान खिलाड़ी के संन्यास के बाद उसकी जर्सी का नंबर हमेशा के लिए रिटायर किया ही जाए. यानी इंटरनेशनल क्रिकेट में जर्सी नंबर रिटायर करना अनिवार्य नहीं है.
खिलाड़ियों को आम तौर पर उपलब्ध नंबरों में से अपनी पसंद का नंबर चुनने की सुविधा होती है. इसलिए अगर कोई क्रिकेट बोर्ड किसी नंबर को दोबारा इस्तेमाल नहीं करने का फैसला करता है, तो यह उस बोर्ड की अपनी नीति या परंपरा होती है, न कि ICC की अनिवार्य व्यवस्था. 2017 में BCCI के एक अधिकारी ने भी स्पष्ट किया था कि ICC किसी टीम को जर्सी नंबर रिटायर करने से रोकने के बजाय नंबर के इस्तेमाल को लेकर सामान्य नियम तय करता है.
जर्सी नंबर रिटायर करने का मतलब क्या है?
किसी नंबर को रिटायर करने का सीधा मतलब है कि उस नंबर को भविष्य में किसी दूसरे खिलाड़ी को नहीं दिया जाएगा. उदाहरण के लिए, अगर किसी बोर्ड ने नंबर-7 को रिटायर कर दिया है, तो भविष्य में टीम में डेब्यू करने वाला कोई खिलाड़ी नंबर-7 नहीं चुन सकता. यह उस महान खिलाड़ी के योगदान को सम्मान देने का एक प्रतीकात्मक तरीका होता है. हालांकि, क्रिकेट में इसे कई बार ‘Unofficial Retirement’ भी कहा जाता है, क्योंकि ICC की तरफ से ऐसा कोई औपचारिक रिटायरमेंट सिस्टम नहीं है.
सचिन तेंदुलकर ने नंबर-10 किया रिटायर
भारत में जर्सी नंबर रिटायर करने का सबसे चर्चित मामला सचिन तेंदुलकर के नंबर-10 का है. सचिन ने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया था. इसके बाद लगभग चार साल तक भारतीय टीम में नंबर-10 किसी ने नहीं पहना. लेकिन 2017 में शार्दुल ठाकुर ने श्रीलंका के खिलाफ अपने वनडे डेब्यू में नंबर-10 पहना. इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. ठाकुर ने बाद में बताया कि उन्होंने यह नंबर अंक ज्योतिष से जुड़े कारणों से चुना था.
इसके बाद BCCI ने नंबर-10 को इंटरनेशनल मैचों के लिए अनौपचारिक रूप से उपलब्ध नंबरों की सूची से हटा दिया. नवंबर 2017 में इसकी जानकारी सामने आई और नंबर-10 को सचिन तेंदुलकर के साथ जोड़कर देखा जाने लगा.
एमएस धोनी का नंबर-7 भी हुआ रिटायर
भारत में दूसरा बड़ा उदाहरण एमएस धोनी का नंबर-7 है. दिसंबर 2023 में BCCI ने धोनी के योगदान के सम्मान में नंबर-7 को भी भारतीय टीम के लिए उपलब्ध नहीं रखने का फैसला किया. BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बताया था कि धोनी के भारतीय क्रिकेट में योगदान को सम्मान देने के लिए नंबर-7 को रिटायर किया गया. इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों को यह नंबर चुनने की अनुमति नहीं रही.
इस तरह भारतीय क्रिकेट में फिलहाल नंबर-10 और नंबर-7 दो सबसे प्रमुख जर्सी नंबर हैं जिन्हें महान खिलाड़ियों के सम्मान में इस्तेमाल से बाहर रखा गया है.
क्या हर महान खिलाड़ी की जर्सी रिटायर हो सकती है?
अब अगर आपके जहन में सवाल आ रहा है कि क्या किसी भी खिलाड़ी की जर्सी रिटायर हो सकती है. तो इसका जवाब है नहीं. चूंकि, सिर्फ महान खिलाड़ी होना अपने आप में जर्सी नंबर रिटायर करने का नियम नहीं बनाता है. इसके लिए संबंधित क्रिकेट बोर्ड को फैसला लेना होता है. खिलाड़ी का टीम के लिए योगदान, उसकी उपलब्धियां, लोकप्रियता और उस नंबर से जुड़ी पहचान जैसे पहलू महत्वपूर्ण हो सकते हैं. यानी किसी खिलाड़ी के संन्यास लेते ही उसकी जर्सी अपने आप रिटायर नहीं होती.
क्या जर्सी नंबर रिटायर करने के लिए कोई तय समय है?
ऐसा कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है कि खिलाड़ी के संन्यास के एक साल, पांच साल या दस साल बाद ही जर्सी नंबर रिटायर किया जा सकता है. भारत के उदाहरण में सचिन के संन्यास के करीब चार साल बाद नंबर-10 को अनौपचारिक रूप से हटाया गया, जबकि धोनी के संन्यास के करीब तीन साल बाद नंबर-7 को उपलब्ध नंबरों से बाहर किया गया. इससे साफ है कि यह फैसला किसी तय टाइमलाइन के बजाय बोर्ड की नीति और खिलाड़ी के योगदान पर निर्भर करता है.
An open letter . a legend. 🫡
Dear DJ “Champion” Bravo,
Thank you for everything you’ve given TKR. ❤️🖤
It’s an honour . retire the iconic No. 47 in your name.
Forever a Knight. Forever No. 47. 🫡#TKRvJK | #WeAreTKR | #TrinbagoKnightRiders | #CPL26 pic.twitter.com/os2sXiiTPa
— Trinbago Knight Riders (@TKRiders) August 30, 2026
क्या रिटायर नंबर घरेलू क्रिकेट में भी इस्तेमाल नहीं हो सकता?
यह भी पूरी तरह संबंधित बोर्ड या प्रतियोगिता के नियमों पर निर्भर करता है. भारत में नंबर-10 और नंबर-7 को भारतीय अंतरराष्ट्रीय टीम के संदर्भ में उपलब्ध नहीं रखा गया है. इसे ICC द्वारा दुनिया भर के क्रिकेट के लिए लागू प्रतिबंध नहीं समझना चाहिए. इसका मतलब है कि अगर किसी नंबर को भारत ने इंटरनेशनल टीम के लिए हटा दिया है, तो इसका मतलब यह नहीं कि दुनिया के किसी दूसरे देश का खिलाड़ी भी उस नंबर को नहीं पहन सकता. कोई दूसरे देश का खिलाड़ी उस नंबर को पहन सकता है.
दुनिया के दूसरे खेलों से कैसे अलग है क्रिकेट?
फुटबॉल और बास्केटबॉल में क्लब स्तर पर जर्सी रिटायर करने की परंपरा काफी मजबूत है. किसी महान खिलाड़ी के सम्मान में उसका नंबर हमेशा के लिए हटाया जा सकता है. क्रिकेट में हालांकि यह व्यवस्था अनिवार्य नहीं है. इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी नंबर को रिटायर करने का फैसला क्रिकेट बोर्ड अपने स्तर पर करता है. यही वजह है कि एक देश में कोई नंबर हमेशा के लिए हटाया जा सकता है, जबकि दूसरे देश में वही नंबर किसी अन्य खिलाड़ी को दिया भी जा सकता है.
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