खबर शहर , Agra News: रेस्तरां की जमीन छिपाकर दंपती ने कराई रजिस्ट्री, अब भरेंगे 84 लाख – INA

आगरा। आगरा-फतेहपुर सीकरी रोड पर बने व्यावसायिक रेस्तरां की जानकारी छिपाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में डीएम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। स्टांप चोरी के दो अलग-अलग मामलों में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने पति-पत्नी पर करीब 84 लाख रुपये जमा कराने का आदेश जारी किया है।
पूरा मामला किरावली तहसील के मौजा मंडी गुड़, फतेहपुर सीकरी स्थित गाटा संख्या 173 की जमीन से जुड़ा है। जमीन मालिक पूरन सिंह से 24 जुलाई, 2024 को लक्ष्मी देवी ने 2295.24 वर्ग मीटर और 20 जुलाई, 2024 को उनके पति उज्जवल सिंह ने 745 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा कराया था। दोनों बैनामों में जमीन को खाली आवासीय प्लॉट दिखाया गया था। उप निबंधक किरावली जांच में पता चला कि गाटा संख्या 173 पर गुलमोहर रेस्तरां और दुकानें संचालित हैं और भारी स्टांप चोरी की गई है। सुनवाई के दौरान खरीदार पक्ष ने दलील दी कि खरीदी गई जमीन पूरी तरह खाली पड़ी है और वहां कोई व्यावसायिक काम नहीं हो रहा।
उन्होंने एसडीएम किरावली की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा कि गुलमोहर रेस्तरां विक्रेता के हिस्से की जमीन पर बना है। इसलिए इस खाली जमीन पर व्यावसायिक रेट लागू नहीं होना चाहिए। डीएम ने इन तर्कों को खारिज कर दिया। साफ किया कि भले ही खरीदा गया हिस्सा सीधे रेस्तरां में इस्तेमाल न हो रहा हो पर एक ही मुख्य जमीन का मूल्यांकन अलग-अलग टुकड़ों में नहीं किया जा सकता। अदालत ने 25,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर के व्यावसायिक रेट से मूल्यांकन करते हुए पहला फैसला लक्ष्मी देवी के मामले में सुनाया। इसमें 49,80,680 रुपये कम स्टांप, 7,11,530 रुपये कम रजिस्ट्रेशन फीस और 12,45,170 रुपये का जुर्माना लगाते हुए कुल 69.37 लाख रुपये जमा कराने का आदेश दिया।
वहीं, दूसरा फैसला उज्जवल सिंह के मामले में सुनाते हुए अदालत ने 10,62,230 रुपये कम स्टाम्प, 1,51,760 रुपये कम रजिस्ट्रेशन फीस और 2,66,000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए 14.79 लाख रुपये की देयता निर्धारित की। दोनों मामलों को मिलाकर दंपती को कुल 84.16 लाख रुपये चुकाने होंगे। इसके अलावा बैनामे की तारीख से भुगतान तक 1.5% प्रति माह की दर से ब्याज भी लगेगा। एक महीने में रकम न भरने पर रिकवरी वारंट (आरसी) जारी कर दिया जाएगा।