सीजी- छत्तीसगढ़: जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की उच्च न्यायालय से विदाई, 3450 से ज्यादा मामलों का किया निराकरण – INA

सीजे रमेश सिन्हा ने योगदान को सराहा

इस अवसर पर सीजे रमेश सिन्हा ने जस्टिस अग्रवाल के विधिक ज्ञान, निष्पक्षता एवं प्रशासनिक दक्षता की सराहना करते हुए उनके योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जस्टिस अग्रवाल ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रत्येक मामले को अत्यंत धैर्य और निष्पक्षता के साथ सुना और बार व बेंच के साथ सौहार्दपूर्ण एवं सम्मानजनक संबंध बनाए रखा।

उन्होंने कहा कि जस्टिस अग्रवाल अपनी स्पष्टता, संतुलित दृष्टिकोण तथा विधि के शासन के प्रति सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रहे। उन्होंने बुद्धिमत्ता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उनका दृष्टिकोण न केवल कानून की गहरी समझ को दर्शाता था, बल्कि न्याय के मानवीय पहलुओं के प्रति उनकी सूक्ष्म जागरूकता को भी प्रकट करता था। उनका आचरण युवा न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

जिला जज रहते मिला था प्रतिष्ठित सम्मान

अपने कार्यकाल में न्यायाधीश अग्रवाल ने विधि के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक उल्लेखनीय निर्णय दिए। उल्लेखनीय है कि कोरबा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यकाल के दौरान उनके नेतृत्व के लिए उन्हें 2014 में नई दिल्ली में भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश द्वारा बेस्ट डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस (ईस्ट जोन) से सम्मानित किया गया।

यह भी पढ़ें: तीन दिनी ‘रंग-तरंग’ की शुरुआत आज से, सजेगी छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की महफिल, होगा आधुनिक सुरों का संगम

2022 में बने अतिरिक्त न्यायाधीश

2 अगस्त 2022 को वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 28 अप्रैल 2026 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल ने संबोधन में अपने तीन दशक के कार्यकाल के अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने कवि शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ की पंक्तियां पढ़ते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं


Credit By Amar Ujala

Back to top button