यूपी – यूपी: प्रदेश में बिजली की भारी किल्लत की वजह आई सामने, कोयले के भीगने से बढ़ा संकट;10 उत्पादन इकाइयां बंद – INA

प्रदेश में भीगा कोयला ही नहीं बल्कि प्रबंधकीय चूक की वजह से भी बिजली की किल्लत हो गई है। अभी भी 10 उत्पादन इकाइयां बंद है, जिसकी वजह से करीब 5340 मेगावाट उत्पादन कम हो रहा है। इस वर्ष अभी अधिकतम मांग करीब 25 हजार मेगावाट है, जबकि पिछले वर्षों में यह करीब 30 हजार मेगावाट रही है। इससे साफ है कि सितंबर माह की खपत के आधार पर पहले से रणनीति नहीं बनाई गई।
प्रदेश में सप्ताहभर से बिजली को लेकर हाहाकार मचा है। गांवों में आठ घंटे से अधिक बिजली नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लघु एवं कुटीर उद्योग के सामने संकट खड़ा हो गया है। उपकेंद्र से जुड़े अलग- अलग फीडरों की बिजली शाम होते ही काट दी जाती है। ऊर्जा प्रबंधन ने भी उच्च स्तरीय बैठक में स्वीकार किया कि रात में करीब 1500 से 2000 मेगावाट की कटौती की जा रही है, दूसरी तरफ यूपीएसएलडीसी ने 14 सितंबर की रिपोर्ट में दावा किया कि ग्रामीण इलाके को 18.03 घंटे और शहर को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।