Sports- एशियन गेम्स 2026: सीए का पेशा छोड़कर एशियाई खेलों में पहली भारतीय एमएमए रेफरी बन गईं प्राचीति -#INA

महाराष्ट्र की प्राचीति नागपुरकर ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) मैच रेफरी बनने का सपना पूरा करने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंसी का पेशा छोड़ दिया। वह एशियाई खेलों के किसी मुकाबले में रेफरी बनने वालीं वह पहली भारतीय बन गई हैं। इसके बाद उन्हें इस अच्छे-खासे पैसे वाले पेशे को छोड़ने का कोई पछतावा नहीं है।

प्राचीति ने एशियाड के सेमीफाइनल मुकाबलों में से एक में मैच रेफरी की भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि वह इस साल एशियाई खेल क्वालिफायर और उज्बेकिस्तान व चीन में एशियाई चैंपियनशिप के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व एशियाई खेलों में भी ऑफिशियल के तौर पर काम कर चुकी हैं।

एशियाड की एमएमए प्रतियोगिता में दो और भारतीय ऑफिशियल थे। लेकिन वे रेफरी नहीं जज की भूमिका में थे। साल 2022 में एमएमए से जुड़ीं प्राचीति मुंबई में जिम चलाती हैं, जिसमें वह एमएमए की ट्रेनिंग भी देती हैं। उन्हें उम्मीद है कि एशियाई खेलों में इस खेल के शामिल होने और सुचिका तारियाल के कांस्य पदक जीतने से एमएमए मैचों में अंपायरिंग या रेफरी का काम करने वाले इस पेशे का दायरा बढ़ेगा। 

Credit By Amar Ujala

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