UP News: राज्यसभा चुनाव: ये 10 विधायक तय करेंगे यूपी की 10वीं सीट किसे मिलेगी? – INA

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है. इन सभी 10 सीटों पर कौन जीतेगा, यह यूपी के 396 विधायक तय करेंगे. विधानसभा में सीटों के लिहाज से 7 सीटें बीजेपी और 2 सीटें सपा को मिलना तय है. आखिरी एक यानी 10वीं सीट को लेकर पेच फंसा है. 2024 में भी इसी तरह आखिरी समय तक 10वीं सीट को लेकर सियासी गुणा-भाग होता रहा. आखिर में बीजेपी ने बाजी मार ली थी. हालांकि, इस बार की सियासी स्थिति अलग है. इसके 3 कारण बताए जा रहे हैं-
1. 2024 में जिन 4 विधायकों ने बीजेपी को वोट दिया था, उनका अब निधन हो चुका है. बीएसपी के एक विधायक उमाशंकर सिंह ने भी बीजेपी को वोट किया था. उनका भी निधन हो चुका है.
2. 2024 में सपा को वोट करने वाले 3 विधायकों का भी निधन हो चुका है. इनमें सुधाकर सिंह, आलम बदी और विजय गोंड का नाम शामिल हैं.
3. 2024 के चुनाव के वक्त मऊ विधायक अब्बास अंसारी जेल में थे. इस बार जेल से बाहर हैं और राज्यसभा चुनाव में वोट कर सकते हैं.
यूपी में राज्यसभा चुनाव का समीकरण क्या है?
यूपी में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों की जरूरत है. समाजवादी पार्टी के पास इस वक्त 101 विधायक हैं. इनमें महाराजी गायत्री प्रजापति का भी नाम शामिल है. इसी तरह बीजेपी के पास अभी 255 विधायक हैं. सहयोगी दल और सपा के बागी विधायकों को जोड़ने पर यह संख्या 288 के पास पहुंचती है. इनमें अपना दल के 13, आरएलडी के 9, सुभासपा के 6, निषाद पार्टी के 5 और बागी 4 विधायक शामिल हैं.
37 के गुणा-गणित के हिसाब से देखा जाए तो बीजेपी 7 सीट आसानी से जीत रही है. 8 के लिए उसके पास संख्या नहीं है. बीजेपी की कोशिश संख्या पूरी करने से ज्यादा सपा को रोकने की है. ऐसी स्थिति में बीजेपी सेकंड प्रिफरेंस वोट के जरिए राज्यसभा की 10वीं सीट आसानी से जीत सकती है.
यूपी में इस वक्त विधानसभा की कुल 396 सीटें.
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होंगे.
एक सीट के 37 विधायकों का समर्थन जरूरी.
इन 10 विधायकों पर सबकी नजर, यही गेमचेंजर
राज्यसभा की 2 सीट आसानी से जीतने के बाद सपा के पास 27 अतिरिक्त वोट बच रहे हैं. यानी तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 10 वोटों का जुगाड़ करना होगा. अगर सपा 10 वोट जुगाड़ नहीं कर पाएगी तो बीजेपी आसानी से वो सीट उससे छीन सकती है.
यानी सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सपा 10 वोटों का आसानी से जुगाड़ कर लेगी? इन 10 विधायकों को इस शह-मात के खेल में गेमचेंजर माना जा रहा है. अगर इन 10 में से किसी एक का भी समर्थन सपा को नहीं मिलता है तो सपा राज्यसभा के चुनाव में आखिर सीट की लड़ाई में पिछड़ जाएगी.
1. सपा की सहयोगी कांग्रेस की अराधना मिश्रा मोना और वीरेंद्र चौधरी विधायक हैं. दोनों पर सबकी नजर है. पिछली बार दोनों ने सपा को समर्थन दिया था. इस बार भी समर्थन करने की उम्मीद है. हालांकि, राजनीति में आखिरी वक्त तक कुछ भी तय नहीं माना जाता है.
2. एनडीए सहयोगी सुभासपा के 4 विधायकों पर भी सबकी नजर है. ये सभी समाजवादी पार्टी के करीबी माने जाते हैं. इनमें अब्बास अंसारी, हंसू राम, दुद्धी राम और जगदीश नारायण राय का नाम शामिल हैं. ओम प्रकाश राजभर पहले भी इन नेताओं को सपा का नेता बता चुके हैं.
3. राजा भैया की पार्टी के पास 2 विधायक हैं. 2024 में दोनों ने एनडीए को समर्थन दिया था, लेकिन लोकसभा चुनाव के वक्त राजा भैया ने सपा उम्मीदवार पुष्पेंद्र सरोज को कौशांबी सीट पर मौन समर्थन दिया था. सपा महासचिव शिवपाल यादव ने राजा भैया को एक पॉडकास्ट में ठाकुरों का बड़ा नेता बताया था.
4. रालोद के 2 विधायक पहले सपा में थे. इन दोनों के नाम गुलाम अहमद और अशरफ अली हैं. चुनाव से पहले दोनों के पाला बदलने की चर्चा तेज है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है. 2024 में दोनों ने सपा के खिलाफ वोट किया था. इस बार भी अगर दोनों रालोद के साथ रहते हैं, तो सपा की 10वीं सीट जीतने की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है.
इसके अलावा समाजवादी पार्टी के सामने अपने भी 101 विधायकों को भी साधे रखने की चुनौती है. 2024 के चुनाव में सपा के 7 विधायकों ने क्रॉस वोट कर दिया था. इनमें से 4 विधायक अभी भी 101 की लिस्ट में शामिल हैं.
यूपी में राज्यसभा चुनाव का शेड्यूल
चुनाव आयोग के मुताबिक यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा. 29 सितंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी. 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं. 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. वोटिंग के बाद मतों की गिनती की जाएगी.
राज्यसभा चुनाव: ये 10 विधायक तय करेंगे यूपी की 10वीं सीट किसे मिलेगी?
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