UP News: क्या प्रेमानंद महाराज ने शिष्य रसिक दुलारी शरण के परिवार से की बात? जबलपुर में रहने वाले भाई ने बताई सच्चाई – INA

Jabalpur News: वृंदावन के राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. जबलपुर निवासी दीपक की मौत को करीब एक सप्ताह बीत चुका है. अंतिम संस्कार के बाद परिवार जबलपुर लौट आया है, लेकिन परिजनों का कहना है कि अब तक संत प्रेमानंद महाराज या आश्रम की ओर से किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है. परिवार मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठा रहा है और पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहा है.
प्रेमानंद महाराज से संपर्क को लेकर भी सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि घटना के सात दिन बाद भी संत प्रेमानंद महाराज या आश्रम से जुड़े किसी व्यक्ति ने परिवार से संपर्क किया या नहीं. परिजनों का दावा है कि अब तक उनकी ओर से परिवार से कोई संपर्क नहीं किया गया है. परिवार का कहना है कि जब दीपक आश्रम से जुड़ा हुआ था और वहां उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई तो उन्हें उम्मीद थी कि आश्रम की ओर से परिवार से बातचीत की जाएगी और घटना की जानकारी दी जाएगी, लेकिन परिजनों के मुताबिक ऐसा नहीं हुआ. फिलहाल संत प्रेमानंद महाराज या राधा केली कुंज आश्रम की ओर से परिवार के इन आरोपों और संपर्क नहीं किए जाने को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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परिवार का दावा- आश्रम से नहीं किया गया संपर्क
मृतक के छोटे भाई मनीष लोधी के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार पिछले शुक्रवार को वृंदावन पहुंचा था. वहां पहुंचने के बाद उन्होंने आश्रम और घटनास्थल से जुड़े लोगों से घटना के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की. परिवार का आरोप है कि उन्हें शुरुआत में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. उनका कहना है कि करीब तीन घंटे तक उन्हें इंतजार करना पड़ा.
मनीष के मुताबिक, परिवार ने वहां मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड से भी घटना के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला. परिवार यह जानना चाहता था कि आखिर दीपक के साथ क्या हुआ और जिस समय वह बिल्डिंग से नीचे गिरे, उस वक्त वहां कौन-कौन मौजूद था?
चौथी मंजिल से गिरने की बात पर परिवार को संदेह
परिजनों के मुताबिक, दीपक जिस इमारत से नीचे गिरे, उस समय वह अकेले थे. परिवार का कहना है कि बाकी लोग नीचे आ चुके थे. हालांकि दीपक का कई मंजिला इमारत में अकेले रहना परिजनों को समझ में नहीं आ रहा है. मनीष का कहना है कि परिवार के मन में यह सवाल है कि इतनी बड़ी बिल्डिंग में घटना के वक्त दीपक के आसपास कोई व्यक्ति क्यों नहीं था. परिवार का दावा है कि घटना की परिस्थितियां सामान्य नहीं लग रही हैं.
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PM रिपोर्ट में कई गंभीर चोटों का जिक्र
दीपक लोधी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई गंभीर चोटों का उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, सिर के पिछले हिस्से में गहरी चोट और खोपड़ी में हेयरलाइन फ्रैक्चर मिला है. होंठ और ठोड़ी पर भी चोट के निशान और टांके लगे घाव पाए गए हैं. रिपोर्ट में पैर की हड्डी में फ्रैक्चर के साथ बाईं ओर की पांचवीं से आठवीं पसलियों में फ्रैक्चर का भी जिक्र है. इसके अलावा बायां फेफड़ा फटा हुआ पाया गया. शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटों का उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट में प्राइवेट से जुड़ी चोट का भी जिक्र है. इन चोटों के कारण शरीर में काफी खून बहने की बात सामने आई है.
ज्यादा खून बहने से हुई मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह Haemorrhagic Shock यानी अत्यधिक रक्तस्राव से हुआ शॉक बताई गई है. फेफड़े के आसपास खून और खून के थक्के भी मिले हैं. इससे शरीर के अंदर गंभीर रक्तस्राव होने की जानकारी सामने आती है. रिपोर्ट में मौत पोस्टमार्टम से करीब एक दिन पहले होने का अनुमान दर्ज किया गया है. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से केवल शरीर पर लगी चोटों और मौत के चिकित्सकीय कारण की जानकारी मिलती है. चोटें किन परिस्थितियों में लगीं और दीपक बिल्डिंग से कैसे नीचे गिरे, इसका पता पुलिस की जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों से ही चल सकेगा.
परिवार बोला- दीपक ऐसा कदम नहीं उठा सकता था
परिवार का कहना है कि दीपक ऐसा कदम नहीं उठा सकता था. मृतक के नाना प्रेमलाल पटेल ने भी घटना को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि दीपक के बारे में परिवार को ऐसी किसी परेशानी या दुख की जानकारी नहीं थी, जिसकी वजह से वह खुद चौथी मंजिल से छलांग लगा दे. प्रेमलाल पटेल ने कहा कि परिवार को तब संतोष मिलेगा, जब मामले की निष्पक्ष जांच होगी और मौत की असली वजह सामने आएगी. उन्होंने मामले की CBI जांच की मांग करते हुए कहा कि जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
कमरे में ग्राइंडर मिलने पर भी उठे सवाल
परिजनों ने घटनास्थल से जुड़े कुछ अन्य पहलुओं पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि कमरे में ग्राइंडर मिलने और दीपक के शरीर पर कई गंभीर चोटें होने की जानकारी सामने आने के बाद उनके मन में संदेह पैदा हुआ है. परिवार इन सभी बिंदुओं की जांच चाहता है. हालांकि ग्राइंडर मिलने और मौत के बीच क्या संबंध है, यह अभी स्पष्ट नहीं है. इस संबंध में पुलिस की फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे.
पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं परिवार
मनीष लोधी का कहना है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद परिवार को पुलिस की जांच से कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है. उनका कहना है कि परिवार लगातार यह जानने की कोशिश कर रहा है कि आखिर दीपक के साथ क्या हुआ, लेकिन अभी तक उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है. परिवार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है. रिपोर्ट में दर्ज चोटों के आधार पर परिजन घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच चाहते हैं. मनीष ने कहा कि परिवार की मांग किसी को दोषी ठहराने की नहीं, बल्कि मौत की सच्चाई सामने लाने की है. उनका कहना है कि CBI जांच से पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच हो सकती है.
क्या प्रेमानंद महाराज ने शिष्य रसिक दुलारी शरण के परिवार से की बात? जबलपुर में रहने वाले भाई ने बताई सच्चाई
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