यूपी – बरेली: मच्छरों के हॉटस्पॉट बदले, अब मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी इलाके में मलेरिया का खतरा – INA

बरेली जिले में मलेरिया के हॉटस्पॉट बदल रहे हैं। पहले जहां मच्छरों का प्रकोप ज्यादा था, अब वहां स्थिति सामान्य हो रही है। दूसरे इलाके अधिक प्रभावित नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, मच्छरों की ब्रीडिंग साइट, नदी किनारे कटान, खेतों-तालाबों में भरा पानी इसकी अहम वजह बन रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 में मीरगंज, 2024 में भमोरा, 2025 में मझगवां, 2026 में फिर भमोरा में मलेरिया मरीजों की तादाद बढ़ी थी। वर्ष 2018 से 2021 तक मझगवां और भमोरा क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित रहे। वर्ष 2022 से मीरगंज में मच्छरों का डंक बढ़ने लगा था। कीट विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कुमार के मुताबिक, मच्छरों की संख्या और उनका फैलाव सीधे ब्रीडिंग साइट से जुड़ा है।
रामगंगा और अन्य नदियों के किनारे बने छोटे गड्ढे, कटान वाले हिस्सों में जलभराव से एनाफिलीज मच्छर के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी के कुछ हिस्से नदी के पास होने से निगरानी के लिहाज से अहम हैं। पहले आंवला, भमोरा, रामनगर, फरीदपुर क्षेत्र में मलेरिया के केस सर्वाधिक रहे। आंवला में बारिश के बाद तालाबों, खेतों में भरा पानी मच्छरों की ब्रीडिंग के लिहाज से संवेदनशील है।