ब्राजील में राष्ट्रपति लूला हार सकते हैं चुनाव:पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो आगे; पिता जायर बोल्सोनारो 27 साल जेल की सजा काट रहे हैं- INA NEWS

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा चुनाव हार सकते हैं। पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो वोटिंग में उनसे आगे निकल गए हैं। किसी भी उम्मीदवार को 50% से ज्यादा वोट नहीं मिले, इसलिए अब ब्राजील में 25 अक्टूबर को दूसरे दौर की वोटिंग होगी। 2022 का चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश के मामले में जायर बोल्सोनारो को करीब 27 साल की जेल की सजा मिली है। लूला को फ्लावियो से 2% कम वोट मिले ब्राजील में आम जनता सीधे राष्ट्रपति के लिए वोट करती है। राष्ट्रपति बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 50% से ज्यादा वोट मिलने जरूरी हैं। पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 47% वोट मिले, जबकि लूला को करीब 45% वोट मिले। चुनाव से पहले आए ज्यादातर सर्वे लूला को बढ़त दिखा रहे थे, लेकिन नतीजों ने तस्वीर बदल दी। फ्लावियो 2002 से राजनीति में सक्रिय हैं 45 वर्षीय फ्लावियो बोल्सोनारो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बड़े बेटे हैं। वह रियो डी जेनेरियो से सीनेटर हैं और 2002 से राजनीति में सक्रिय हैं। राजनीति में आने से पहले वह वकील और कारोबारी रहे हैं। 2026 के राष्ट्रपति चुनाव में वह बोल्सोनारो परिवार का चेहरा बनकर मैदान में उतरे हैं। उनके पिता जायर बोल्सोनारो जेल की सजा के कारण चुनाव नहीं लड़ सकते, इसलिए समर्थक फ्लावियो को उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी मानते हैं। फ्लावियो बोल्सोनारो के पिता ट्रम्प के करीबी हैं फ्लावियो के पिता जायर बोल्सोनारो को ‘ब्राजील का ट्रम्प’ कहा जाता है। इसकी वजह दोनों नेताओं की राजनीति में कई समानताएं हैं। दोनों राष्ट्रवाद, सख्त कानून-व्यवस्था और पारंपरिक सामाजिक मूल्यों की बात करते हैं। दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए बड़ी लोकप्रियता हासिल की है। 2020 में पहले ट्रम्प और फिर 2022 में जायर बोल्सोनारो ने चुनावी नतीजों पर सवाल उठाए थे। 2022 का राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद जायर बोल्सोनारो पर सत्ता में बने रहने की साजिश रचने का आरोप लगा था। ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने और तख्तापलट की कोशिश से जुड़े मामले में दोषी माना था। चौथी बार राष्ट्रपति बनने की कोशिश में 80 साल के लूला 80 वर्षीय लूला चौथी बार राष्ट्रपति बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव प्रचार में अपने सामाजिक कल्याण और गरीबों के लिए किए गए काम को प्रमुख मुद्दा बनाया। हालांकि महंगाई, रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतें और अपराध जैसे मुद्दों पर सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ा है। विश्लेषकों का मानना है कि यही कारण है कि इस बार मुकाबला उम्मीद से ज्यादा कड़ा हो गया। संसद में भी मजबूत हुआ बोल्सोनारो खेमा राष्ट्रपति चुनाव के साथ हुए संसदीय चुनावों में भी दक्षिणपंथी दलों का प्रदर्शन मजबूत रहा। फ्लावियो की लिबरल पार्टी निचले सदन में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो की पत्नी मिशेल बोल्सोनारो सीनेट पहुंच गई हैं। उनके बेटे कार्लोस बोल्सोनारो ने भी जीत दर्ज की है। इससे साफ है कि जायर बोल्सोनारो के चुनावी राजनीति से बाहर होने के बावजूद उनका राजनीतिक प्रभाव बरकरार है। ब्राजील में चुनाव पर अमेरिका और चीन की नजर ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। साथ ही BRICS का संस्थापक सदस्य भी है। इसलिए इस चुनाव पर दुनिया की नजर है। लूला की जीत होने पर चीन और BRICS देशों के साथ मौजूदा साझेदारी जारी रहने की संभावना है। वहीं फ्लावियो बोल्सोनारो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का करीबी माना जाता है। उनकी जीत की स्थिति में अमेरिका के साथ रिश्ते और मजबूत हो सकते हैं। ———————– यह खबर भी पढ़ें… अल-कायदा ने फ्लाईदुबई हमले के आरोपी की तारीफ की: कहा- जंग अभी खत्म नहीं हुई, अमेरिकी-इजराइली विमानों पर 9/11 जैसे हमले करो आतंकी संगठन अल-कायदा ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी की तारीफ की। पूरी खबर पढ़ें…

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