Sport : 'काश मैं चेन्नई में पैदा होता…' 27 की उम्र में क्रिकेटर को मिली करियर खत्म करने की सलाह, गुजरात में पैदा होना कैसे बना श्राप #INA

भारतीय क्रिकेट टीम सालों-सालों से लगातार अच्छा प्रदर्शन करती हुई आ रही हैं. टीम इंडिया के चयन से लेकर प्लेइंग-11 तक डिसाइड होने तक कई बार फेवरेटिज्म और पॉलिटिक्स की बातें सामने आती रहती हैं. इन बातों को अक्सर हवा नहीं मिल पाती है, क्योंकि इंडियन क्रिकेट में इस तरह की बातों को अंदर ही दबा दिया जाता है. भारतीय क्रिकेटर या कोच इन बातों के बारे में अक्सर खुलकर बाते भी नहीं करते हैं. ऐसे में इंडियन क्रिकेट फैंस को कुछ भी इस तरह के मामलों में पता नहीं चल पाता है.

इंडियन क्रिकेट टीम और खिलाड़ियों से जुड़े विवाद तब सामने आते हैं, जब उन पर मिट्टी पड़ जाती है. टीम के पूर्व खिलाड़ी अक्सर इन बातों के बारे में बात करते हैं. लेकिन इस समय भी ये पूर्व क्रिकेटर या कोच खुलकर या नाम लेकर बाते नहीं करते हैं. वो सिर्फ इशारों-इशारों में बातें करते हैं. ऐसा ही एक मामला अब फिर सामने आया है. अब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने एक बड़ा खुलासा किया है.

उन्होंने पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा के साथ उनके शो में यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए बड़ा बायन दिया है. पार्थिव ने बताया है कि, कैसे जब वो अपने क्रिकेट करियर के पीक पर थे, तब टीम इंडिया के चयनकर्ता ने उन्हें क्रिकेट छोड़कर बिजनेस करने की सलाह दी थी. इसके साथ ही उन्हें गुजरात होने पर भी ताना मारा था. इसके बाद भी पार्थिव ने हार नहीं मानी और टीम सिलेक्सन में चल रही पॉलिटिक्स और फेवरेटिज्म के बाद भी अपनी जगह बनाई. इस बारे में उन्होंने बात की है. उन्होंने क्या कहा है, आइए जानते हैं.  

पार्थिव ने खोली टीम सिलेक्शन में पॉलिटिक्स होने की पोल

पार्थिव पटेल ने कहा कि, ‘जब में टीम से बाहर था तो, 2011 में मैंने एक सिलेक्टर को फोन करके पूछा कि मैं सुधार के लिए क्या कर सकता हूं. वेस्ट जोन सिलेक्टर ने मुझे सलाह दी कि, तुम सिर्फ 27 या 28 साल के हो और तुम गुजराती भी हो. सोचो कि क्या तुम कोई बिजनेस शुरू कर सकते हो. फिर, मैंने सिलेक्टर्स को चैलेंज किया कि अगले 2 साल में टीम इंडिया में वापसी होगी और मैंने वही किया. तभी मैंने फेसबुक पर पोस्ट किया “काश मैं चेन्नई में पैदा होता”. सिलेक्टर्स ने मुझे फोन किया और पूछा कि यह क्या है. मैंने कहा कि यह सच है’.

पार्थिव ने किस सिलेक्टर पर लगाए आरोप

आपको बता दें कि, शायद दिलीप वेंगसरकर के बारे में बात कर रहे हैं. उन्होंने भले ही खुलकर नाम नहीं लिया लेकिन उस समय वो वेस्ट जोन के सिलेक्टर के रूप में कार्यरत थे. ऐसे में पार्थिव ने इस इंटरव्यू के जरिए उन पर हमला बोला है. पूर्व क्रिकेटर ने साफ कर दिया है कि, उनको क्रिकेट के मैदान पर खेलने के लिए बाहर से किस तरह की पॉलिटिक्स और फेवरेटिज्म का सामना करना पड़ा था. 

कैसा रहा पार्थिव पटेल का करियर

भारत के लिए पार्थिव पटेल ने साल 2002 में डेब्यू किया था. पार्थिव पटेल ने 17 साल की उम्र में भारत की ओर से अपना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया. उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू मैच 8 अगस्त 2002 को इंग्लैंड के खिलाफ 17 साल 152/153 दिन की उम्र में खेला था. उन्होंने भारत के लिए 25 टेस्ट मैच खेले, जबकि 38 वनडे और 2 टी20 मुकाबले खेलने का मौका मिला. उनके नाम बतौर विकेटकीपर 1706 रन दर्ज हैं. उन्होंने एक भी शतक नहीं लगाया है.

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