जलकल के पंप हाउस अधीक्षक सुमित पचौरी ने ठेकेदार रवि लावानिया, उसकी फर्म के कर्मचारी मनीष कुमार, आसिफ, सचिन वशिष्ठ, अतुल शर्मा के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर थाना छत्ता में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें फर्जी दस्तावेज से अनुबंध पत्र तैयार करने, धमकाने, दबाव बनाने और करोड़ों की हेराफेरी के आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस जांच कर रही है।
न्यू आगरा निवासी सुमित पचौरी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया कि ठेकेदार रवि लवानिया अपने और पत्नी के नाम पर सुलभा इंटरप्राइजेज, एनवायरमेंटल टैक्नो और साईं ट्रेडिंग कंपनी संचालित करता है। इन फर्मों के माध्यम से वर्ष 2017 से फर्जी प्रमाणपत्र और दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करता आ रहा है। उसने अपने कर्मचारी मनीष कुमार उर्फ मंशा को उनके कार्यालय में मई 2026 में भेजा था। वह पुरानी तारीख पर हस्ताक्षर कराना चाहते थे। उन्होंने मना कर दिया। इस पर सभी दबाव बनाने लगे। मना करने पर नौकरी से हटवाने, निलंबित कराने, झूठे मुकदमों में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने लगे। बाद में व्हाटस एप पर भी धमकी देना शुरू कर दिया। रवि और मनीष ने दबाव बनाने के लिए मोबाइल नंबर से 12 जुलाई को उनकी ससुराल और कार की फोटो भेजी गई। इसमें धमकी भरा संदेश था।
आरोप लगाया कि रवि ने आपराधिक षडयंत्र रचकर विभाग में कूटरचित व फर्जी अनुबंध पत्र स्वयं को लाभ पहुंचाने के लिए प्रस्तुत किए हैं। अनुबंध 2016 में लेखबद्ध हुए जबकि स्टांप पेपर वर्ष 2017 में जारी हुए। उन्होंने इसकी शिकायत अपने अधिकारियों से की। आरोप लगाया कि इस बात से ही रवि रंजिश मानने लगा। उनका पीछा भी कराया जाने लगा। वह फर्जी मुकदमे दर्ज कराने की भी धमकी दे रहे थे। इसकी शिकायत करने पर पुलिस ने सुनवाई नहीं की। एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि न्यायालय के आदेश पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, आरोपी रवि लवानिया की ओर से भी कुछ दिन पूर्व सुमित पचौरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें भी जांच चल रही है।