दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 11वन स्टॉप सेंटर:181 हेल्पलाइन को 112, चाइल्ड हेल्पलाइन और सहायता केंद्रों से जोड़ा- INA NEWS

दिल्ली सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि संकट के समय किसी महिला या बच्चे को मदद के लिए भटकना न पड़े। उन्हें समय पर सुरक्षा, परामर्श, आश्रय, कानूनी सहायता और पुनर्वास की सुविधा मिले। इसके लिए हेल्पलाइन और सहायता केंद्रों के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी, सीसीटीवी निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली में महिलाओं की सहायता के लिए 11 वन स्टॉप सेंटर और 15 महिला आश्रय गृह संचालित हैं। महिला हेल्पलाइन 181 को आपातकालीन हेल्पलाइन 112, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, शक्ति सदन और संरक्षण अधिकारियों से जोड़ा गया है। घरेलू हिंसा और दहेज से जुड़े मामलों में सहायता के लिए 20 संरक्षण अधिकारी कार्यरत हैं। वहीं, कामकाजी महिलाओं के लिए 14 हॉस्टल उपलब्ध हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,427 है। बसों में सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था महिलाओं की सुरक्षा के लिए डीटीसी की बसों में 2,947 बस मार्शल तैनात हैं और 56 महिला विशेष बसें संचालित हो रही हैं। इनमें से 15 बसें शाम की पाली में चलती हैं। शाम 5 बजे के बाद इनमें सशस्त्र महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है। सभी बसों को बस प्रबंधन प्रणाली से जोड़ा गया है। नियंत्रण केंद्र से पैनिक अलार्म, लाइव सीसीटीवी और जीपीएस की 24 घंटे निगरानी की जाती है। सड़कों पर 96 हजार स्ट्रीट लाइटें लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर 96,000 स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इनमें 45,000 एचपीएसवी और 51,000 एलईडी लाइटें शामिल हैं। विभाग के अंतर्गत 2,53,983 सीसीटीवी कैमरे कार्यरत हैं। नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए 1908 टोल-फ्री नंबर और पीडब्ल्यूडी सेवा पोर्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
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