खबर शहर , गजब की तकनीक: ब्रेक लगाने पर बनेगी बिजली, उसी से चलेगी आगरा मेट्रो; तैयारिया किया गया ऐसा सिस्टम – INA

 आगरा में मेट्रो के संचालन के लिए दूसरे कॉरिडोर में डिपो से सदर तक थर्ड रेल बिछाने का कार्य पूरा हो गया है। इसमें रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। ब्रेक लगाने पर पैदा होने वाली बिजली का दोबारा उपयोग कर बिजली की खपत को कम किया जाएगा। आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनने वाले दूसरे कॉरिडोर के स्टेशनों का निर्माण भी चल रहा है।

यूपीएमआरसी के संयुक्त महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि आगरा मेट्रो के दोनों कॉरिडोर और डिपो परिसर में थर्ड रेल प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रेन के संचालन को और अधिक ऊर्जा-कुशल (एनर्जी एफिशिएंट) बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसमें सामान्य ट्रेनों की तरह संचालन के लिए बिजली के तार ऊपर नहीं होते बल्कि पटरियों के समानांतर बिछाई गई तीसरी रेल से बिजली मिलती है। ये ट्रेनें 750 वोल्ट डीसी बिजली से चलेंगी।

तीन सब स्टेशन से मिलेगी बिजली

आगरा मेट्रो के 29.4 किलोमीटर लंबे दोनों कॉरिडोर के लिए तीन रिसीविंग सब स्टेशन बनाए जाने हैं। पहला डिपो और दूसरा आईएसबीटी के पास है। तीसरे का निर्माण चल रहा है। ग्रिड से मिलने वाली 132 केवी बिजली को रिसीविंग सब स्टेशन में 33 केवी में बदला जाएगा। इसके बाद ट्रैक्शन सब स्टेशन में इसे 750 वोल्ट डीसी में परिवर्तित कर ट्रेनों को दिया जाएगा। स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, लाइट और एयर कंडीशनर चलाने के लिए 33 केवी बिजली को 440 वोल्ट में बदला जाएगा।

ब्रेक लगाने पर बनेगी बिजली

मेट्रो में रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग प्रणाली का इस्तेमाल होगा। सामान्य ब्रेक में घर्षण से ऊर्जा गर्मी के रूप में निकलती है, जबकि इस प्रणाली में इलेक्ट्रिक मोटर की मदद से ट्रेन की गति कम करने के दौरान बिजली पैदा होती है। इसका दोबारा इस्तेमाल ट्रेन के विभिन्न सिस्टम चलाने में किया जाएगा। इससे बिजली की खपत घटाने में मदद मिलेगी।

 


Credit By Amar Ujala

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