Tach – इंटरनेट से जासूसी तक! एक-दूसरे से कितना अलग हैं एलन मस्क के Starlink और Starshield? जानिए

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यूक्रेन और SpaceX के बीच Starlink को लेकर विवाद ने दुनिया का ध्यान खींचा है. एलन मस्क की कंपनी की Starlink सेवा आम लोगों को इंटरनेट देती है, जबकि Starshield को अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है. लेकिन दोनों की तकनीक में क्या समानता है और सुरक्षा, इस्तेमाल व कंट्रोल के मामले में कितना अंतर है? जानिए Starlink और Starshield से जुड़ी हर जरूरी बात.

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एक-दूसरे से कितना अलग हैं एलन मस्क के Starlink और Starshield? जानिएZoom

जानिए Starlink और Starshield में क्या अंतर है?

यूक्रेन ने SpaceX पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कहा गया है कि स्पेसएक्स ने उसके सैन्य इस्तेमाल वाले Starlink पर कुछ रोक लगा दी है. इससे ड्रोन और एयर डिफेंस प्रभावित हुए हैं. इस शिकायत ने एक बार फिर स्टारलिंक और स्टारशील्ड के फर्क को चर्चा में ला दिया. स्टारलिंक आम लोगों और कंपनियों के लिए इंटरनेट सेवा है. स्टारशील्ड अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों के लिए बनाया गया खास वर्जन है.

Elon Musk ने साफ कहा कि स्टारशील्ड अमेरिकी सरकार के कब्जे और नियंत्रण में है. स्टारलिंक स्पेसएक्स की व्यावसायिक सेवा है. दोनों एक जैसी सैटेलाइट तकनीक पर चलते हैं, लेकिन सेफ्टी और इस्तेमाल के नियम अलग हैं. आजकल युद्ध में तेज और सुरक्षित कम्युनिकेशन बहुत जरूरी हो गया है. स्टारशील्ड इसी जरूरत को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है. आइए जानते हैं कि स्टारलिंक और स्टारशील्ड क्या हैं और इन दोनों में कितना अंतर है?

स्टारलिंक क्या है?

स्टारलिंक स्पेसएक्स का बड़ा व्यावसायिक प्रोजेक्ट है. इसमें ग्यारह हजार से ज्यादा सैटेलाइट आसमान में घूम रहे हैं. ये घरों, जहाजों और दूरदराज के इलाकों तक तेज इंटरनेट पहुंचाते हैं. यूक्रेन युद्ध की शुरुआत में इसने बहुत मदद की थी.

स्टारशील्ड कैसे अलग है?

स्टारशील्ड सैन्य और खुफिया कामों के लिए बनाया गया है. इसमें ज्यादा मजबूत एन्क्रिप्शन और खास टर्मिनल इस्तेमाल होते हैं. ये सिर्फ सुरक्षित संचार ही नहीं, बल्कि धरती की तस्वीरें लेने और सेंसर लगाने की सुविधा भी देता है. अमेरिकी रक्षा विभाग इसका सबसे बड़ा ग्राहक है. ब्रिटेन और न्यूजीलैंड जैसे देश भी इसे अपना रहे हैं.

सेफ्टी और कंट्रोल

स्टारशील्ड पर अमेरिकी सरकार का सीधा नियंत्रण है. स्पीड या इस्तेमाल की सीमाएं सेना या राष्ट्रपति तय करते हैं. स्टारलिंक सिर्फ नागरिक या रक्षात्मक कामों के लिए है. आक्रामक सैन्य कार्रवाई के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता है.

क्यों चर्चा में है?

दोनों सिस्टम एक ही सैटेलाइट ग्रुप पर निर्भर करते हैं. इसलिए कभी-कभी सीमा साफ नहीं दिखती. फिर भी स्टारशील्ड को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. निजी कंपनी पर सैन्य संचार की निर्भरता एक बड़ा सवाल भी पैदा करती है.

कुल मिलाकर स्टारशील्ड स्पेसएक्स की तकनीक को सेना की जरूरत के हिसाब से ढालने का तरीका है. ये तेज और सुरक्षित संचार उपलब्ध कराता है, लेकिन कंट्रोल और प्राइवेसी के मुद्दे अभी भी बने हुए हैं.

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Ram Mohan MishraSenior Sub Editor

राम मोहन मिश्र डिजिटल मीडिया के ऑटोमोटिव जगत में सक्रिय पत्रकार हैं और 2021 से लगातार ऑटो जर्नलिज्म के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. वर्तमान में वे न्यूज़18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर ऑटो डेस्क संभाल रहे…

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