खबर शहर , Agra News: रात भर चले लीपापोती के प्रयास, रावली बनी रही छावनी – INA

आगरा। जुआ पकड़ने गए पुलिसकर्मियों से झड़प के बाद छत से गिरे कंपाउंडर ललित की मौत से रात में ही पूरा मोहल्ला घरों से बाहर आ गया। सर्किल के फोर्स ने शुक्रवार रात से शनिवार को अंतिम संस्कार होने तक पूरे क्षेत्र को छावनी बनाए रखा। आरोप है कि पुलिसकर्मियों को बचाने के प्रयास, सिपाहियों की ओर से मुआवजा देकर मामला निपटाने की कोशिश भी हुई। सुबह लोगों के सड़क पर जुटने और आक्रोश जताने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

शनिवार सुबह रावली के लोगों ने बाजार बंद कर दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी होने लगी। माहौल बिगड़ता देख पुलिस बैकफुट पर आई। कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराने के प्रयास हुए। ललित दो भाई और चार बहन थे। सभी की शादी हो चुकी है। ललित और उनका भाई एक ही घर में रहते थे। पत्नी कुमकुम पति की मौत के बाद बेसुध हो गईं। होश आते ही दो बेटियों के पालन पोषण की बात बोलकर रोने लग रही थीं। उन्होंने परिवार उजाड़ने का आरोप लगाकर पुलिसकर्मियों को फांसी देने की मांग तक कर डाली।

अधिकारी पल-पल का अपडेट ले रहे थे। स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) की टीम लोगों के बीच रहकर उनके आक्रोश व नरम पड़ने दोनों की जानकारी दे रही थी। परिजन का आरोप है कि दूसरे थाने के एक सिपाही को क्षेत्र का कोई व्यक्ति टिप दे रहा था। जुआ पर कार्रवाई के लिए एसीपी के साथ दबिश मारने के निर्देश पूर्व में जारी हुए थे। आरोपी सिपाहियों ने थाना प्रभारी को भी कोई सूचना नहीं दी। उनका उद्देश्य जुआ लूटना ही था। बिना अनुमति पुलिसकर्मी कैसे छापा मारने पहुंचे। चार दिन पहले भी इसी तरह छह के करीब पुलिसकर्मियों ने 70 हजार रुपये लूटे थे। हालांकि परिजन इस बात का कोई प्रमाण नहीं दे सके।

सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग खोल सकती है राज

परिजन का कहना है कि बिल्डिंग के बाहर और गांधी प्रतिमा तक कई प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित की जाए। परिजन की मौजूदगी में देखी जाए। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से पुलिस की मंशा का राज खुल जाएगा। पता चलेगा कि आरोपी पुलिसकर्मी गश्त करते निकले थे या सोची समझी साजिश के तहत जुआ लूटने आए थे। पुलिस आरोपी पुलिसकर्मियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

थाना प्रभारी की कार्यशैली पर सवाल

बेटे की मौत के बाद मां मुन्नी और पिता चंदन ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे की हत्या की है। थाना प्रभारी ने उन्हें बेलगाम छोड़ रखा था। जिसको चाहते पकड़ कर जेल भेजने की धमकी देकर वसूली करते थे। घटना के लिए थाना प्रभारी भी जिम्मेदार हैं। उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय निवासी आकाश ने बताया कि ललित को दवाओं का ज्ञान था। आधी रात भी किसी की तबीयत खराब होने पर वह एक पैर पर खड़े रहते थे। दवाओं से लेकर सारी मदद करते और रुपये तक नहीं लेते थे।

आखिरी बार पति की शक्ल भी नहीं देख पाई कुमकुम

आगरा। आखिरी बार उन्हें देख तो लेने दो, हत्या कर दी, रात में ही उन्हें उठा ले गए। अब अंतिम दर्शन भी नहीं करने दे रहे हो। इस तरह चीखकर रोती कुमकुम के आंसू भी पुलिस को झकझोर नहीं पाए। शव ले जाने के दौरान पुलिस ने गांधी पार्क का गेट बंद कर महिलाओं को अंदर कैद कर दिया। शव को आखिरी बार देखने तक नहीं दिया गया। दोपहर ढाई बजे के करीब ललित का शव रावली लाया गया। पुलिस ने शव को एंबुलेंस से उतरवाया। रास्ता संकरा होने का हवाला देकर गांधी पार्क में शव रखवा दिया। शव पार्क से निकाला गया तो पत्नी कुमकुम अंतिम बार पति को देखने और पैर छूने की बोलकर पीछे भागी। पुलिस ने पार्क का गेट बंद कर दिया। उधर, कुमकुम की दो माह की बेटी अभी अपने पिता को ढंग से पहचान भी नहीं पाई थी कि पिता का साया उठ गया।


Credit By Amar Ujala

Back to top button