खबर शहर , Agra News: जीएसटी सर्वे पर लगे रोक, व्यापारी बोले- उत्पीड़न नहीं करेंगे बर्दाश्त – INA

आगरा। त्योहारी सीजन में जीएसटी की विशेष जांच शाखा (एसआईबी) के छापों और सर्वे को लेकर व्यापारियों में आक्रोश है। शनिवार को व्यापारी संगठनों ने अपर आयुक्त ग्रेड-1 से बैठक में दो टूक कहा है कि त्योहारी सीजन में किसी भी तरह का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दिवाली तक छापों पर रोक लगनी चाहिए।

आगरा व्यापार मंडल, स्वीट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज फूड प्रोसेसिंग सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने शनिवार को जयपुर हाउस स्थित जीएसटी अपर आयुक्त (ग्रेड-1) पंकज गांधी से मुलाकात की।

व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल ने कहा कि वे सरकार के लिए राजस्व संग्राहक का काम करते हैं। अक्तूबर और नवंबर व्यापार का सबसे अहम समय होता है। इस दौरान सर्वे की कार्रवाई से न केवल व्यापारिक एकाग्रता भंग होती है, बल्कि बेवजह मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता है।

नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज फूड प्रोसेसिंग के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने कहा अधिकांश मिठाई विक्रेता और खाद्य पदार्थ कारोबारियों की बिक्री बिल के माध्यम से ही होती है। ऐसे में कर चोरी की कोई गुंजाइश ही नहीं बचती। अपर आयुक्त ने व्यापारियों की समस्याएं सुनने के बाद कहा कि विभाग का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि राजस्व लक्ष्य पूरा करना है।

उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश और बड़ी कर चोरी की शिकायत पर ही सर्वे किया जाता है। उन्होंने व्यापारियों से दिवाली पर पूरी ईमानदारी से बिलिंग करने की अपील की, ताकि राजस्व में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हो सके।

बैठक में अध्यक्ष टीएन अग्रवाल और अन्य व्यापारी नेताओं ने एडिशनल कमिश्नर को भरोसा दिलाया कि इस दिवाली पर व्यापारी 20 प्रतिशत अधिक कर जमा करेंगे। इस आश्वासन पर अपर आयुक्त ने भी सहमति जताई।

उन्होंने कहा कि जो व्यापारी 20 प्रतिशत अधिक टैक्स देंगे, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। बैठक के अंत में विभिन्न संगठनों की ओर से ज्ञापन भी सौंपे गए। इस दौरान राकेश बंसल, अमित मोरानी, जय पुरसनानी आदि मौजूद रहे।

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मानसिक उत्पीड़न से बचाया जाए

सराफा कारोबारी नितेश अग्रवाल का कहना है कि वे सरकार का राजस्व बढ़ाने में पूरा सहयोग कर रहे हैं। त्योहार के समय एसआईबी सर्वे से व्यापारिक गतिविधियां तो बाधित होती ही हैं, मानसिक उत्पीड़न भी होता है। व्यापारी गलत काम का समर्थन नहीं करते लेकिन अनावश्यक कार्रवाई से बचना चाहते हैं।

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हर बिक्री का कट रहा है बिल

स्वीट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि उनकी दुकानों पर स्पष्ट लिखा है कि खरीदारी के बाद बिल अवश्य लें। स्टाफ द्वारा किसी भी तरह की चोरी रोकने के लिए हर बिक्री का बिल काटा जाता है। त्योहारी सीजन में शांतिपूर्ण तरीके से व्यापार करने देने की अपील की गई।


Credit By Amar Ujala

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