खबर शहर , Agra News: गड्ढों से मौत पर मुआवजा और जिम्मेदारी हो तय – INA

आगरा। गड्ढाें में गिरकर मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया है। अधिवक्ता एवं सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता केसी जैन ने सड़क बनाने और संभालने वालों की जिम्मेदारी तय करने व पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की मांग रखी है। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने आवेदन को 25 नवंबर दोपहर दो बजे सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की भारत में सड़क दुर्घटनाएं प्रतिवेदनों के अनुसार, वर्ष 2023 में देश में गड्ढों के कारण 5,840 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 2,161 लोगों की मौत हुई और 5,309 घायल हुए। वर्ष 2024 में ऐसी 5,432 दुर्घटनाओं में 2,385 लोगों की जान गई और 4,643 घायल हुए। प्रदेश में बारिश के बाद विभिन्न विभागों की 65,093 किमी सड़कें खराब पाई गईं। देश में भी सड़क रखरखाव का खर्च हजारों करोड़ रुपये है।

आवेदन में मांग की गई है कि जांच में दुर्घटना की वजह गड्ढा, खुला मैनहोल, खुली नाली या सड़क की कोई अन्य गंभीर खराबी पाने पर जिम्मेदार सड़क विभाग या संस्था दुर्घटना से छह माह के भीतर खुद मुआवजा दे। मृत्यु पर 5 लाख, स्थायी दिव्यांगता पर उसके प्रतिशत के अनुसार 50,000 से 5 लाख, स्थायी दिव्यांगता न होने वाली चोट पर 50000 और मामूली चोट पर 25000 रुपये देने का प्रस्ताव है।

अधिवक्ता केसी जैन ने बताया कि जहां लापरवाही साबित हो, वहां जिम्मेदारी तय हो और पीड़ित परिवार को मुआवजे के लिए भटकना न पड़े। जनता के पैसे से बनने वाली सड़क पर उसकी सुरक्षा और उसके पैसे की पूरी जवाबदेही होनी चाहिए।


Credit By Amar Ujala

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