खबर शहर , यूपी: जनकपुरी महोत्सव में सक्रिय था महाराष्ट्र का गिरोह, चूड़ियां चोरी कर भागे थे बदमाश; दो गिरफ्तार – INA

आगरा के भावना एस्टेट (सिकंदरा) में आयोजित जनकपुरी महोत्सव में आए लोगों के बीच महाराष्ट्र स्थित ठाणे का बांगड़ी कटिंग गिरोह भी सक्रिय था। व्यापारी नेता के छोटे भाई की पत्नी के हाथों से सोने की चूड़ियां ले गया था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से गिरोह की पहचान कर ली। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनसे चूड़ियां भी बरामद की हैं।
शाहगंज निवासी हेमंत भोजवानी व्यापारी नेता है। 8 अक्तूबर को वह परिवार के साथ जनकपुरी महोत्सव देखने आए थे। जनकपुरी महल के दर्शन करने के दौरान उनके छोटे भाई दिवंगत किशोर कुमार की पत्नी राधिका के हाथों से 30 ग्राम सोने की दो चूड़ियां गायब कर दी गई थीं। मामले में नौ अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। डीसीपी सिटी रवींद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे गए। एक जगह पर आरोपी नजर आए। वह महिला के हाथों से चूड़ियां निकालते हुए दिख रहे थे।
इस पर पड़ताल की जाने लगी। पुलिस को सुराग मिल गया। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान के बाद 13 अक्तूबर को पुलिस टीम महाराष्ट्र पहुंची। स्थानीय पुलिस से मदद ली गई। ठाणे के अंबरनाथ क्षेत्र में पहुंचकर गणेश और इरफान को पकड़ लिया गया। फुटेज से उनके चेहरे मिल रहे थे। पुलिस टीम उन्हें आगरा लेकर आई। 19 अक्तूबर को आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई दोनों चूड़ियां बरामद कर लीं।
भीड़ के बीच खड़े होकर करते हैं वारदात
डीसीपी सिटी के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि गिरोह बांगड़ी कटिंग के नाम से जाना जाता है। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों के जिलों में मेले और बड़े आयोजनों में ट्रेन से पहुंच जाते हैं। मेले में आने वाली ऐसी महिलाओं को चिह्नित करते हैं, जो गले में सोने की चेन, हाथ में चूड़ियां पहने होती हैं। उनके पास जाकर खड़े हो जाते हैं। किसी लोहे के औजार से जेवरात को काट देते हैं। इसके बाद उतारकर ले जाते हैं। जनकपुरी में भी इसी तरह वारदात की थी। मगर जिस जगह पर खड़े थे, वहां सीसीटीवी कैमरे लगे थे। इससे पुलिस ने पहचान कर ली। महिला के हाथों से दोनों चूड़ियां चोरी करने के बाद उन्हें पार्किंग स्थल में छिपा दिया था। उनके खिलाफ महाराष्ट्र के थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी कुछ दिन रुकने के बाद भाग जाते थे। उनकी पहचान भी पुलिस नहीं कर पाती थी।