Tach – Kota News: कोटा में अनोखा रोबोट; डांस और फाइट के साथ बच्चों को बताएगा टेक्नोलॉजी के गुर

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Kota AI And Robotics Class : कोटा में शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा देते हुए यूनिट्री कंपनी का जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट पेश किया गया है. यह रोबोट बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की प्रैक्टिकल शिक्षा देगा. पांच साल की उम्र से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए उनकी उम्र और बौद्धिक क्षमता के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किया गया है.

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कोटा. शिक्षा नगरी कोटा में अब पढ़ाई के साथ आधुनिक तकनीक और इनोवेशन की दिशा में भी नई शुरुआत हो रही है. शहर में पहली बार यूनिट्री कंपनी के जी-1 मॉडल ह्यूमनॉइड रोबोट को पेश किया गया. यह रोबोट डांस करने, फाइट जैसे मूवमेंट दिखाने और अपनी तकनीक के बारे में जानकारी देने में सक्षम है. इसके जरिए बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है.

कोटा में एक निजी संस्थान की ओर से बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ स्किल आधारित शिक्षा से जोड़ने की पहल की जा रही है. यहां रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग, AI, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), क्लाउड कंप्यूटिंग और कोडिंग जैसे विषयों की जानकारी दी जाती है. बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देने के बजाय प्रैक्टिकल और हैंड्स-ऑन अनुभव के माध्यम से सिखाया जाता है.

5 साल के बच्चों से शुरू होते हैं कोर्स
अंशत जायसवाल के अनुसार, संस्थान की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी. संस्थान के फाउंडर प्रियम सक्सेना पहले स्कूलों को रोबोटिक्स के पार्ट्स और कंपोनेंट्स उपलब्ध कराते थे. इसके बाद कोटा में बच्चों के लिए आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा शुरू करने का विचार आया. एकेडमी में पांच साल की उम्र से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए उनकी उम्र और बौद्धिक क्षमता के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किया गया है. इसमें बच्चों को आसान स्तर से कठिन तकनीकों की ओर बढ़ते हुए सिखाया जाता है.

रोबोट ने खुद दिया अपना परिचय
कार्यक्रम के दौरान रोबोट ने बच्चों के सामने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया. डायरेक्टर ने बताया कि रोबोट डांस और फाइट जैसे मूवमेंट कर सकता है. ओरिएंटेशन कार्यक्रम में रोबोट ने खुद अपने बारे में जानकारी देकर बच्चों को बताया कि उसमें किस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है और वह कैसे काम करता है. इससे बच्चों को रोबोटिक्स को नजदीक से समझने का अवसर मिला.

स्क्रीन टाइम को सीखने में लगाएं बच्चे
अंशत जायसवाल ने बच्चों से कहा कि उन्हें मोबाइल पर मनोरंजन के लिए स्क्रीन टाइम कम करके शैक्षणिक और तकनीकी गतिविधियों में इसका उपयोग बढ़ाना चाहिए. भविष्य में AI और रोबोटिक्स की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. ऐसे में बच्चों को शुरुआती उम्र से ही इन तकनीकों की जानकारी देना जरूरी है. रोबोटिक्स, कोडिंग और AI एक-दूसरे से जुड़े हुए क्षेत्र हैं. इन्हें सीखकर बच्चे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकते हैं.

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आनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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